धनबाद(DHANBAD): कहावत है कोयलांचल में नमक महंगा और खून सस्ता होता है. कई मौकों पर इसकी पुष्टि भी होती रही है. 2018 में रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह को कुल सात गोलियां मारने वालों ने गुरुवार को फिर बरही में उनपर हमला किया. इस बार भाग्य ने उपेंद्र सिंह का साथ दिया और वह बच गए. इस हमलाकांड को लेकर वासेपुर का गैंगस्टर एक बार फिर सुर्खियों में है. उपेंद्र सिंह पर गुरुवार को बरही के एक लाइन होटल में हमला हुआ. हमले में उपेंद्र सिंह ,उनकी पत्नी और बच्चा बाल बाल बच गए. हमले का आरोप उन्होंने वासेपुर के कुख्यात प्रिंस खान और उसके भाइयों सहित अपने चचेरे भाई पर लगाया है.
धनबाद से ही कर रहे थे पीछा
हमलावर धनबाद से ही उपेंद्र सिंह का पीछा कर रहे थे और जैसे ही वह लाइन होटल में खाना खाने को बैठे, अभी ऑर्डर देकर निश्चित ही हुए थे कि दो बाइक पर सवार पांच हमलावर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. संयोग अच्छा था कि गोली उपेंद्र सिंह को न लगकर, होटल की दीवार में लगी. उपेंद्र सिंह ने बरही थाना में पुलिस के समक्ष अपना बयान रिकॉर्ड कराया है. बरही थाना पुलिस ने होटल के पास से 9एम एम का खोखा, 9 एमएम का एक जिंदा कारतूस और लोडेड मैगजीन बरामद किया है.
22 मार्च 2018 को बैंक मोड़ में हुआ था हमला
उपेंद्र सिंह पर 22 मार्च 20 18 को बैंक मोड़ में हमला हुआ था. उन्हें 7 गोलियां मारी गई थी. लंबे इलाज के बाद वह स्वस्थ हुए. कुछ दिन पहले नावाडीह के पास भी उन पर फायरिंग की गई थी. गुरुवार को वह परिवार के साथ अपने पैतृक गांव जा रहे थे कि उनपर हमला हुआ. मीडिया की खबरों के मुताबिक उ पेंद्र सिंह का अपने चचेरे भाई से भी विवाद चल रहा है. इस हमलाकांड में उन्होंने उसका भी नाम लिया है. इसके अलावा प्रिंस खान, बंटी खान, गोडवीन खान, गोपी खान, राजेश चौहान, भीम सिंह, सूरज सिंह, रितिक आदि का पुलिस को नाम गिनाया है. प्रिंस खान अभी फरार चल रहा है. वासेपुर के जमीन कारोबारी नन्हे हत्याकांड के बाद से ही वह फरार है. पुलिस उसकी टोह में लगी हुई है. बीच में तो वह वीडियो जारी कर धनबाद पुलिस को भी चुनौती भी दे रहा था.
