धनबाद(DHANBAD): धनबाद देश का सबसे अधिक गंदगी वाला शहर घोषित हुआ था. 2017 में देश के 73 शहरों की रैंकिंग में धनबाद सबसे नीचे पायदान पर था. स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 में धनबाद नगर निगम को 33 वा स्थान मिला था, जबकि 2020 में भी 33 वे पायदान पर ही था. लेकिन इस बार रैंक 35 हो गया है. बता दें कि धनबाद नगर निगम से प्रतिदिन 400 टन कचरा निकलता है. उसका उठाव भी होता है लेकिन उसका निष्पादन नहीं किया जाता. कचरा उठाकर डंपिंग यार्ड में फेंक दिया जाता है. निगम के पास अपना कोई कचरा प्रोसेसिंग प्लांट नहीं है.
डंपिंग यार्ड में फेंक दिया जाता है कचरा
इस वजह से भी कचरे को डंपिंग यार्ड में फेंक दिया जाता है. 12 साल से निगम प्रोसेसिंग प्लांट के लिए जमीन खोज रहा है. कई जगहों पर निगम को जमीन तो मिली लेकिन विवादों के कारण वहां काम शुरू नहीं हुआ. 2010 में सर्वप्रथम पुटकी के सियालगुदरी में बीसीसीएल ने 32 एकड़ जमीन दी थी. जमीन आबादी के बीच थी, लोगों ने विरोध किया तो प्रस्ताव ही ठंडे बस्ते में चला गया. इसके बाद टुंडी, सिंदरी, बलियापुर में चिन्हित की गई जमीन पर भी काम नहीं हुआ और यह तब हुआ जब प्लांट के निर्माण के लिए राशि पड़ी हुई है.
सॉलि़ड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के नहीं होने का हो रहा नुकसान
आपको बता दें कि सॉलि़ड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के नहीं होने का नुकसान एक बार फिर धनबाद को झेलना पड़ा है. सॉलि़ड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए अलग से 400 अंक निर्धारित है. हर बार की तरह इस बार भी धनबाद को एक भी अंक नहीं मिला, हालांकि बलियापुर में 17 एकड़ जमीन निगम को हाल फिलहाल में मिली है. निगम जमीन के हस्तांतरण के लिए प्रस्ताव भेजा है लेकिन जमीन हस्तांतरित नहीं हो पाई है और जब तक जमीन हस्तांतरित नहीं होगी, निगम काम शुरू भी नहीं कर सकता है.
