धनबाद(DHANBAD): कोयलांचल में अवैध उत्खनन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. कहीं अवैध खनन की वजह से प्रदर्शन हो रहे हैं, तो कहीं गोलियां चल रही हैं. अवैध उत्खनन के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को डर है कि अगर इलीगल माइनिंग नहीं रोकी गई, तो उनके घर जमींदोज हो जाएंगें। तो फायरिंग करने वाले अवैध धंधे पर एकाधिकार को लेकर टकरा रहे है. बुधवार के दिन कोयलांचल में अवैध खनन के खिलाफ प्रदर्शन भी हुआ, तो फायरिंग की घटना भी हुई. दरअसल, केशलपुर के ग्रामीणों ने अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. यह इलाका रामकनाली ओपी क्षेत्र में आता है. केशलपुर क्षेत्र के लोगों ने अब ठान लिया है कि वह इलीगल माइनिंग नहीं होने देंगे।
आंदोलन को तोड़ने की भी कोशिश करते तस्कर
कहा जा रहा है कि यह बात कोयला तस्करों को बर्दाश्त नहीं हो रहा है. महिलाओं के आंदोलन के बीच भय फैलाने के लिए उन लोगों ने पटाखा बम का विस्फोट किया, लेकिन इससे भी आंदोलन करने वाले पर कोई असर नहीं हुआ. वह लोग नारा लगा रहे थे "अवैध खनन बंद करो" दरअसल, केशलपुर खदान को बंद हुए काफी वक्त बीत चुके है. लोग बता रहे हैं कि पिछले कुछ महीनो से बंद पड़ी खदान के मुहानो को कोयला तस्कर खोल दिए है. आरोप लगाया जा रहा है कि चार खदानों से बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है और कोयले को बाहर भेजा जा रहा है. लोगों का आरोप है कि प्रत्येक खदान से रोज 3 से 4 ट्रक कोयला निकल रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि यह काम एक संगठित गिरोह कर रहा है. आबादी के बीच अवैध खनन का आरोप ग्रामीण लगा रहे है.
बाहर के मजदूरों को बुलाकर कराया जाता है अवैध उत्खनन
उनका यह भी कहना है कि बाहर से मजदूरों को बुलाकर अवैध खनन कराया जा रहा है. इधर, लोयाबाद थाना क्षेत्र के बांसजोड़ा बस्ती में बुधवार की दोपहर दो गुटों में झड़प हो गई. कई दिनों से चल रहा तनाव खूनी संघर्ष में बदल गया. झड़प में खूब पत्थरबाजी की गई. कई राउंड फायरिंग हुई. उसके बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई. घटना में तीन लोगों को गोली लगने की बात कही जा रही है. जबकि मारपीट और पथराव में भी लोग घायल हुए है. इस मामले के बाद पुलिस सक्रिय हुई है और जांच पड़ताल तेज कर दी गई है. दरअसल, अवैध कोयला उत्खनन कोयलांचल के लिए लाइलाज समस्या बन गई है.
संगठित गिरोह समानांतर व्यवस्था चलाने की कोशिश में
अवैध कोयले के खनन से एक ऐसा संगठित गिरोह तैयार हो गया है, जो अपनी समानांतर व्यवस्था चलाने की कोशिश कर रहा है. जब भी कोई इसमें खलल डालता है, तो हंगामा हो जाता है. फायरिंग कर दी जाती है. कोयला अधिकारियों की पिटाई तक कर दी जाती है. बीसीसीएल की बंद खदानों से बड़े पैमाने पर कोयले का खनन किया जा रहा है. एक तरफ से अवैध कोयला मुहानों को बंद कराया जाता है, तो कुछ ही घंटे बाद कोयला तस्कर मुहानों को खोलकर फिर से काम शुरू कर देते है. अब तो सीआईएसएफ को भी अधिकार मिल गया है. इसलिए बीसीसीएल मैनेजमेंट भी अब पुलिस के माथे सब कुछ थोप कर चुप नहीं बैठ सकता है. दरअसल, अवैध खनन में लगे गिरोह का नेटवर्क मजबूत होता जा रहा है. बाहर से मजदूरों को लाकर अवैध खनन कराया जाता है. नतीजा होता है कि अगर कोई घटना होती है, तो बातें दबा दी जाती है.