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ट्रेन से अथवा रेल परिसर से आपके मोबाइल की हो जाये चोरी, तो मत रहिये परेशान, पढ़िए इस नए इंतजाम की बारीकियों को !

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 12, 2026, 9:02:16 AM

धनबाद(DHANBAD) : रेल यात्रा के दौरान अगर आपका मोबाइल गुम हो जाता है, तो अब बहुत चिंतित रहने की जरूरत नहीं है. रेलवे स्टेशन परिसर से भी अगर मोबाइल चोरी चला जाता  है, तो बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है. रेल सुरक्षा बल ने ऐसे मोबाइल को खोज निकालने  का इंतजाम किया है. रेल सुरक्षा बल ने इसके लिए दूरसंचार विभाग के केंद्रीय इक्विपमेंट आइडेंटी रजिस्टर पोर्टल के साथ पार्टनरशिप किया है. रेल यात्रियों के खो गए या गायब मोबाइल फोन को ढूंढ़ निकालने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दूरसंचार विभाग से हाथ मिलाया है. 

आरपीएफ ने सीईआईआर पोर्टल के साथ साझेदारी की है 
 
इसके तहत आरपीएफ ने दूरसंचार विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के साथ सफल साझेदारी की है. नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) में एक पायलट प्रोग्राम की सफलता के बाद यह पहल की गई है. भारतीय रेल द्वारा इस पहल को पूरे भारत में लागू किए जाने के बाद करोड़ों रेल यात्रियों को फायदा मिलेगा. अपना गुम मोबाइल फोन प्राप्त करने के लिए यात्री इसकी रिपोर्टिंग रेल मदद या 139 डायल के जरिए कर सकते है. यदि यात्री एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते, तो उन्हें सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराने का भी विकल्प मिलेगा. 

डिवाइस को ऐसे किया जा सकता है ब्लॉक 
 
सीईआईआर पंजीकरण का विकल्प चुनने पर आरपीएफ की जोनल साइबर सेल शिकायत को सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज करेगी और आवश्यक विवरण दर्ज करने के बाद डिवाइस को ब्लॉक करेगी. अगर नई सिम के साथ खोए हुए फोन का पता चलता है, तो डिवाइस के उपयोगकर्ता को निकटतम आरपीएफ पोस्ट पर लौटाने की सलाह दी जाएगी. इसके बाद मोबाइल का असली उपयोगकर्ता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करके अपना फोन वापस पा सकते है. अनुपालन न होने की स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल एफआईआर दर्ज कर सकता है और मामला जिला पुलिस को भेजा जा सकता है.  रिकवरी के बाद, शिकायतकर्ता सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से फोन को अनब्लॉक करने का अनुरोध कर सकता है, जिसमें जरूरत पड़ने पर आरपीएफ से सहायता मिलेगी. सीईआईआर पोर्टल के ट्रेनिंग कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक मनोज यादव ने कहा कि "दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर सीईआईआर पोर्टल को संचालित करने की आरपीएफ की साझेदारी रेलवे सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. 

रेल यात्रियों के बीच अधिक विश्वास पैदा करना मकसद 

डिजिटल तकनीक का उपयोग करके, हमारा लक्ष्य यात्रियों को उनके खोए या गायब हुए मोबाइल फोन को पुनर्प्राप्त करने के लिए एक पारदर्शी और प्रभावी तंत्र प्रदान करना है. यह पहल हमारी क्षमताओं को मजबूत करती है और रेल यात्रियों के बीच अधिक विश्वास पैदा करती है. हम यात्री संपत्ति की सुरक्षा और रेल नेटवर्क पर सुरक्षित यात्रा के लिए प्रतिबद्ध हैं"सीईआईआर पोर्टल, दूरसंचार विभाग द्वारा शुरू किया गया है. यह मोबाइल फोन को पुनर्प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो खोए या चोरी हुए उपकरणों को ब्लॉक करने, ट्रैक करने और प्रबंधित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. 

आईएमईआई नंबर को ब्लॉक कर फ़ोन कर दिए जाएंगे बेकार 
 
इसके जरिए आरपीएफ अब खोए/गायब हुए मोबाइल फोन को उनके आईएमईआई नंबर को ब्लॉक करके बेकार कर सकेगा, जिससे इन उपकरणों के अवैध कब्जे और पुनर्विक्रय को रोकने में मदद मिलेगी. यह पहल उन्नत ट्रैकिंग क्षमताओं के माध्यम से खोए हुए फोन की तेजी से रिकवरी को भी सुगम बनाएगी. आरपीएफ ट्रेनों और स्टेशन परिसरों में यात्रियों की खो गई या गायब हुई संपत्ति को पुनर्प्राप्त करने के प्रयासों में सबसे आगे रहा है.  आरपीएफ ने इसके लिए "ऑपरेशन अमानत" चला रखा है, जिसका एकमात्र उद्देश्य कीमती सामानों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाना है. जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरपीएफ ने 84.03 करोड़ रुपये मूल्य की खोई या छूटी हुई वस्तुओं को पुनर्प्राप्त कर 1.15 लाख से अधिक यात्रियों को वापस किया. 

रेलवे सुरक्षा संचालन में मिलेगी मदद 

सीईआईआर को रेलवे सुरक्षा संचालन में शामिल करने से आरपीएफ के प्रयासों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे खोए हुए मोबाइल फोन अपने असली मालिकों तक पहुंच सके. मई 2024 में, आरपीएफ ने नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था ताकि सीईआईआर पोर्टल का सक्रिय उपयोग किया जा सके और आरपीएफ के लिए इसकी उपयोगिता का अध्ययन किया जा सके.  इस प्रयोग से कई खोए हुए मोबाइल फोन की सफल रिकवरी हुई और मोबाइल चोरी में शामिल व्यक्तियों को पकड़ा गया. इस पहल को पूरे देश में विस्तारित करने के साथ, आरपीएफ को भरोसा है कि यह रेल यात्रियों के उपकरणों की तेज रिकवरी में मददगार साबित होगा. 

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadRailwayMobileRPFArrangements

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