धनबाद(DHANBAD): अगर जेल है तो न्यायालय भी है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के किसी कार्यकर्ता से मारपीट हो जाए तो क्या मुख्यमंत्री पर केस होगा. यह कहना और पूछना है जेल में बंद बाघमारा के भाजपा विधायक ढुल्लू महतो का. ढुल्लू महतो शनिवार को पेशी के लिए जेल से कोर्ट लाए गए थे. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार उनपर अत्याचार कर रही है. झारखंड में हेमंत सोरेन की सरकार बनने के बाद उन पर एक के बाद एक 15 मुकदमे किए गए हैं. वह दिल्ली में रहते हैं, हैदराबाद जाते हैं, उस दौरान भी मुकदमों में उनका नाम डाल दिया जाता है. धारा लगाया जाता है 120बी का.
ना डरेंगे ना घबराएंगे, जनता की आवाज उठाते रहेंगे
विधायक ने कहा कि वह इन मुकदमों से ना डरेंगे ना घबराएंगे, जनता की आवाज उठाते रहेंगे. कोयलांचल में अपराध हो रहे हैं, कोयला चोरी हो रही है, इस पर किसी का मुँह नहीं खुल रहा है. हम जब आवाज उठाते हैं तो मुकदमे लाद दिए जाते है. सरकार अगर हमें फांसी भी दे दे, फिर भी हम जनता की आवाज को दबने नहीं देंगे, उठाते रहेंगे. सरकार चाहती है कि उसके खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाये, लेकिन हम उठाते रहेंगे. अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के खिलाफ केंद्र सरकार को भी अवगत करा रहे हैं और आगे भी केंद्र सरकार को बताते रहेंगे.
9 जनवरी से न्यायिक हिरासत में है विधायक
विधायक ढुल्लू महतो 9 जनवरी से न्यायिक हिरासत में हैं. पुलिस की वर्दी फाड़ने और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में उन्हें 18 महीने की सजा हुई है. इस सजा के खिलाफ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के बाद वह हाईकोर्ट गए हैं. हाईकोर्ट में सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करने के लिए 9 जनवरी को उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया था, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उसके बाद से ही विधायक धनबाद जेल में हैं. उनका यह भी आरोप है कि पुराने मामले को पुलिस ने इकट्ठा कर रखा है और अब एक-एक कर उन मामलों में उन्हें रिमांड किया जा रहा है. पुलिस की मंशा है कि उन्हें जेल से बाहर नहीं निकलने दिया जाए. लेकिन अगर पुलिस है, जेल है तो न्यायालय भी है. न्यायालय पर उन्हें पूरा भरोसा है और सारे मामले झूठे हैं, इसलिए वह किसी न किसी दिन बरी हो ही जाएंगे.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
