धनबाद (DHANBAD) : धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है. उसे नवजात कि आखिर क्या गलती है, वह तो अभी दुनिया में आया ही है कि मां को छोड़कर सारे परिजन उसे अपनाने से इंकार कर रहे हैं. दरअसल, यह मामला धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती एक मां और उसके नवजात बेटे का है. गर्भावस्था की हालत में कथित मनोरोगी महिला को उसका पिता अस्पताल में छोड़कर चला गया. फिर लौटकर वापस नहीं आया. प्रसव के बाद न तो पिता उपस्थित हुआ और न पति अपनी पत्नी और बच्चे को स्वीकार करने को तैयार है. यह महिला जामताड़ा जिले की रहने वाली है. इस महिला को अब स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी से ही कुछ उम्मीद है.
जामताड़ा की रहने वाली है महिला
जामताड़ा की रहने वाली यह महिला 10 दिन पहले अपने पिता के साथ धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल आई थी. पिता ने ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया और बेटी को वहीं छोड़कर चला गया. लंबे इंतजार के बाद जब वापस नहीं लौटा, तो डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल कर्मियों ने महिला को भर्ती कराया. चिकित्सकों की निगरानी में उसकी सामान्य डिलीवरी हुई, उसने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया है. उसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि परिवार के लोग मां और बच्चे को घर ले जाएंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. महिला के पिता और पति दोनों से संपर्क किया गया, पर दोनों ने जिम्मेदारी स्वीकारने को तैयार नहीं हुए. पिता का कहना है कि वह बेटी और नवजात को रखने में असमर्थ है.
पति और पिता को भी नहीं आ रही दया
पति यह कह रहा है कि महिला और बच्चे को वह नहीं अपना सकता. महिला बार-बार घर से भाग जाती है. इस हालत में अस्पताल के डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी ही मां और बच्चे की देखभाल कर रहे हैं. अस्पताल प्रबंधन नवजात को कर्मचारियों की निगरानी और सुरक्षा में रखा है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और बाल कल्याण समिति को सूचना दे दी गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुखिया के माध्यम से महिला के पिता को बुलाने का प्रयास कर रहा है, ताकि किसी नतीजे पर पहुंचा जा सके.
रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो
