चाईबासा (CHAIBASA): पश्चिम सिंहभूम जिले में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा हुआ है. इस दौरान 9 नाबालिगों को बरामद किया गया है. पुलिस को यह सफलता माने तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर मिली. पुलिस और विभिन्न एजेंसियों की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है. रेलवे स्टेशन पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 9 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया. इनमें चार लड़के और पांच लड़कियां शामिल हैं. जांच में सामने आया कि बच्चों को नौकरी का झांसा देकर गुजरात, तमिलनाडु और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में भेजने की तैयारी थी. तस्कर बच्चों और उनके परिजनों को कंपनियों में अच्छे काम और बेहतर कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे थे. पुलिस को लंबे समय से इस नेटवर्क की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी. इसके बाद स्टेशन और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई थी.
पूछताछ में कई जानकारियां मिली
चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर सघन जांच अभियान के दौरान टीम ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए बच्चों को बरामद किया. पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है. यह कार्रवाई पुलिस के साथ ‘कर्रा सोसायटी फॉर रूरल एक्शन रांची’, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी, महिला थाना और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की टीम ने संयुक्त रूप से की. अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता थी. फिलहाल सभी बच्चों को बाल कुंज और छाया बालिका गृह भेजा गया है. यहां उनकी काउंसलिंग की जाएगी.
26 से अधिक नाबालिग बरामद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पिछले 30 दिनों में इस क्षेत्र से 26 से अधिक बच्चों को तस्करी से बचाया जा चुका है. इधर, लगातार सामने आ रहे मानव तस्करी के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. पिछले एक महीने में यह तीसरा बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन है. पुलिस का मानना है कि मानव तस्कर अब बड़े शहरों की कंपनियों और फैक्ट्रियों में नौकरी दिलाने के नाम पर ग्रामीण परिवारों को निशाना बना रहे हैं. इसी को देखते हुए रेलवे स्टेशन और बस स्टैंडों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई है.