धनबाद (DHANBAD) : पूरे देश में धनबाद एक बार फिर सुर्खियां बटोरने की तैयारी में है. कोल इंडिया की पहली कोल बेड मीथेन ( सीबीएम ) प्रोजेक्ट से इसी साल के अंत अंत तक उत्पादन शुरू हो सकता है. इसके लिए कोल् मंत्रालय की टीम मंगलवार को धनबाद में थी. टीम ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की. बताया जाता है कि कोयला बेड मीथेन का उत्पादन एमडीओ मोड में करना है. यह प्रोजेक्ट लगभग 2000 करोड़ का है. बीसीसीएल को इसमें से कमाई का 10% हिस्सा मिलेगा. मीथेन के दोहन के लिए गुजरात की किसी कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया गया है.
मीथेन की सप्लाई गेल की पाइपलाइन से करने की योजना है
धनबाद से मीथेन की सप्लाई गेल की पाइपलाइन के जरिए देश भर में की जाएगी. कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने बीसीसीएल के झरिया सीबीएम ब्लॉक एक और दो की प्रगति तथा अन्य बातों की समीक्षा की. बताया गया है कि इसी साल के अंत में मीथेन का उत्पादन शुरू हो जाएगा. यह कोल इंडिया का पहला सीबीएम प्रोजेक्ट है. बता दें कि कोलबेड मीथेन (Coalbed Methane-CBM) एक गैस का भंडार है. यह कोयले की चट्टानों में प्रत्यक्ष तौर पर मौजूद रहती है.
मीथेन गैस कोयले की परतों के नीचे पाई जाती है
मीथेन गैस कोयले की परतों के नीचे पाई जाती है. इसे ड्रिल किया जाता है तथा नीचे उपस्थित भूमिगत जल को हटाकर इसे प्राप्त किया जाता है. भारत कोयले के भंडार के मामले में विश्व में पाँचवें स्थान पर है तथा इस दृष्टिकोण से CBM स्वच्छ उर्जा का एक बेहतर विकल्प हो सकता है. CBM का उपयोग विद्युत उत्पादन में, वाहनों के ईंधन में संपीडित प्राकृतिक गैस (Compressed Natural Gas-CNG) के तौर पर, खाद (Fertiliser) के निर्माण में किया जा सकता है. इसके अलावा इसका प्रयोग औद्योगिक इकाइयों में जैसे- सीमेंट उद्योग, रोलिंग मिलों में, स्टील प्लांट तथा मीथेनॉल के उत्पादन में किया जा सकता है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
