☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

झारखंड के जेलों में इग्नासियुस आइंद की तरह कितने कक्षपाल, पढ़िए क्यों उठ रहे सवाल !

झारखंड के जेलों में इग्नासियुस आइंद की तरह कितने कक्षपाल, पढ़िए क्यों उठ रहे सवाल !

धनबाद(DHANBAD) : धनबाद जेल में गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या के बाद धनबाद सहित समूचे झारखंड के जेलों  की सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर देने का दावा किया जाता रहा है. लेकिन धनबाद जेल के एक कक्षपाल ने ही इस दावे में पलीता लगा दिया है. धनबाद जेल में मोबाइल और गांजा के साथ पकड़े गए कक्षपाल ने जेल के सुरक्षा इंतजाम की असलियत को सबके सामने लाकर खड़ा कर दिया है. यह कक्षपाल अंडरवियर में छुपा कर 50 ग्राम गांजा, नशीली दवा और दो सिम वाला एक कीपैड मोबाइल जेल में ले जाने की कोशिश कर रहा था. लेकिन इसका भंडाफोड़ हो गया. उसके बाद कक्षपाल को जेल भेज दिया गया है. दर्ज एफआईआर के अनुसार केवल ₹4000 के लिए यह काम कक्षपाल ने किया. वैसे भी झारखंड के जेल की सुरक्षा को लेकर हमेशा सवाल खड़े किए जाते रहे है. बाहर से ही धनबाद जेल में हथियार भेज कर गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या करा दी गई थी. 

बाहर से हथियार भेज गैंस्टर अमन सिंह का हुआ था मर्डर 

इस हत्याकांड के बाद धनबाद से लेकर रांची तक तहलका मचा था.  कई लोगों के  तबादले किए गए, व्यवस्था में बदलाव किया गया. लेकिन जमीन पर सब कुछ पहले जैसा ही चलने की बात कक्षपाल के पकड़ में आने के बाद साबित हो गई है. वैसे भी झारखंड के जेलों में जब भी गुपचुप छापेमारी होती है, तो बहुत कुछ पकड़ में नहीं आता है. इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि झारखंड के जेलों में अपराधी मोबाइल का प्रयोग नहीं करते है. लेकिन छापेमारी में कुछ नहीं मिलता है. बता दें कि धनबाद मंडल कारा का कक्षपाल इग्नासियुस आइंद जेल के अंदर गांजा, नशीली दवा और किपैड वाला मोबाइल ले जाते बुधवार को पकड़ा गया. प्रभारी कारापाल मनोज कुमार गुप्ता के लिखित बयान पर धनबाद थाना में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

केवल चार हज़ार रुपयों के लिए कर रहा था काम 

पूछताछ में इग्नासियुस आइंद ने पुलिस को बताया कि धनबाद जेल के एक बंदी ने उसे चार हजार रुपये दिये थे और उसी के कहने पर गांजा, नशीली दवा और मोबाइल पहुंचाने जा रहा था. पकड़ा गया कक्षपाल इग्नासियुल रांची जिले के गांव ईठा करंजटोली, थाना कर्रा का रहने वाला है, जबकि इसका दूसरा पता रांची के धुर्वा, डॉग ट्रेनिंग स्कूल सिठियो पिंडर है. प्रभारी कारापाल मनोज कुमार गुप्ता ने पुलिस को दिये आवेदन में बताया है कि बुधवार की अहले सुबह भूतपूर्व सैनिक कक्षपाल इग्नासियुस आइंद जेल ड्यूटी के लिए अंदर जा रहा था. तभी गेट पर ड्यूटी कर रहे प्रदीप कुमार दास ने उसकी तलाशी ली. इग्नासियुस आइंद अपने जांघिया के नीचे गांजा का एक पैकेट में 50 ग्राम गांजा, एक की-पैड मोबाइल सीम सहित नशा की दवा छह पीस छिपा कर ले जा रहा था. उसे तुरंत गेट के अंदर बैठा दिया गया और वरीय अधिकारियों को सूचना दी गयी. वरीय अधिकारियों ने पूछताछ शुरूकी तो पूरे मामला का खुलासा हुआ.

रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो 

Published at:13 Sep 2024 01:48 PM (IST)
Tags:DhanbadJharkhandJailSipahiInspection
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.