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केंद्रीय संस्थानों से सूचीबद्ध अस्पताल  मरीजों को भर्ती लेने में अब नहीं कर सकेंगे आनाकानी,जानिए क्यों 

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 3:05:28 PM

धनबाद(DHANBAD): केंद्र सरकार ने केंद्रीय संस्थानों से सूचीबद्ध अस्पतालों पर शिकंजा कस दिया है.  मेडिकल इमरजेंसी में अब भारत सरकार से सूचीबद्ध कोई  भी अस्पताल मैनेजमेंट किसी भी सरकारी कर्मचारी  को भर्ती  लेने से मना  नहीं कर पाएंगे.  भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से अंडर सेक्रेटरी ने इस आशय का आदेश जारी किया है.  इस आदेश के बाद अब बकाया को लेकर इम्पैनलड  अस्पताल मरीज को नहीं लौट पाएंगे.  इतना ही नहीं , आदेश लागू होने के बाद आपातकाल में बिना अग्रिम भुगतान के कर्मी  या उनके आश्रित को अस्पतालों को भर्ती  लेना होगा.  हाल के दिनों में  कई ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि धनबाद रेल मंडल के रेलकर्मी, रिटायर कर्मी  या फिर उनके आश्रित को बकाया के नाम पर अस्पताल मैनेजमेंट भर्ती  नहीं ले रहा है. 

आदेश को नहीं मानने वाले अस्पताल होंगे डिबार 
 
इस आदेश को नहीं मानने वाले अस्पताल से बिना कारण पूछे सूचीबद्ध करार रद्द किया जा सकता है.  लोकल अस्पताल में इलाज संभव नहीं होने के बाद उन्हें हायर सेंटर में रेफर किया जाता है. यह भी सही है कि सरकारी संस्थाओं की ओर से समय पर अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जाता है. सूत्र बताते है कि  रेफर होने वाले मरीजों के लिए यह एक बड़ी राहत है. धनबाद रेल मंडल  जुड़े अस्पतालों का भुगतान नहीं कर पा रहा था .  स्थिति यह हो गई थी  कि दुर्गापुर मिशन अस्पताल अब धनबाद रेलवे अस्पताल से रेफर किए गए लोगों का इलाज नहीं कर रहा था . यहां तक कि  गए मरीजों को वापस तक कर दिया जा रहा था .
  
धनबाद रेल मंडल के कर्मचारी बीमारी बढ़ने पर भेजे जाते हैं  दुर्गापुर 
 
 धनबाद रेल मंडल के कर्मचारी और आश्रितों के लिए दुर्गापुर पहली प्राथमिकता होती है.  बीमारी बढ़ने पर रेलकर्मी डॉक्टर से दुर्गापुर मिशन अस्पताल रेफर करने की मांग करते है.  हाल के दिनों में किसी विशेष स्थिति की बात छोड़ दिया जाए, तो सामान्य मरीज को दुर्गापुर  रेफर नहीं किया जा रहा था . सूत्रों के अनुसार दुर्गापुर अस्पताल का एक करोड़ 22 लाख रुपया बकाया हो गया था . अस्पताल का भुगतान सितंबर "2022 से ही नहीं किया गया था . भुगतान को लेकर रेलवे और दुर्गापुर मिशन अस्पताल में चल रहे खींचतान  का खामियाजा रेलकर्मी भुगत रहे थे .  इतना ही नहीं ,धनबाद रेल मंडल के कर्मचारी, पेंशनर और उनके आश्रितों को इलाज के लिए धनबाद जिले में भी कई निजी अस्पतालों से एमओयू किया गया है.  इन अस्पतालों का भी बकाया है.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो   

Tags:dhanbadrefermarijhospitalorder

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