टीएनपी डेस्क (TNP DESK): होली के मद्देनजर रेलवे ने रांची और आसपास के इलाकों के यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया है. इन अतिरिक्त ट्रेनों के शुरू होने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले करीब 50 से 70 हजार यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. इस समय दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे महानगरों से रांची आने वाली नियमित ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची 100 के पार पहुंच चुकी है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है.
रेलवे की ओर से चलाई जा रही होली फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन संख्या 07051 तिरुपति से रक्सौल के लिए 21 और 28 फरवरी तथा 7 मार्च 2026 को रवाना होगी. यह ट्रेन सिकंदराबाद, गोंदिया, बिलासपुर, राउरकेला, हटिया, रांची, मूरी, बोकारो स्टील सिटी, धनबाद, जसीडीह और समस्तीपुर होते हुए रक्सौल पहुंचेगी. वापसी में ट्रेन संख्या 07052 रक्सौल से तिरुपति के लिए 24 फरवरी, 3 मार्च और 10 मार्च को चलेगी.
इसके अलावा ट्रेन संख्या 08105 रांची–झंझारपुर होली स्पेशल 2 मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार रात 10:50 बजे रांची से खुलेगी और अगले दिन शाम 4 बजे झंझारपुर पहुंचेगी. वापसी में 08106 झंझारपुर–रांची स्पेशल 3 मार्च से 31 मार्च तक हर मंगलवार शाम 6 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 12:15 बजे रांची पहुंचेगी.
रांची और गोरखपुर के बीच भी विशेष सेवा शुरू की गई है. ट्रेन संख्या 08629 रांची–गोरखपुर होली स्पेशल 2 मार्च से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार रात 11:55 बजे रांची से प्रस्थान करेगी और अगले दिन रात 9:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. वापसी में 08630 गोरखपुर–रांची स्पेशल 4 मार्च से 1 अप्रैल तक हर बुधवार रात 12:50 बजे गोरखपुर से चलेगी और उसी दिन रात 8:45 बजे रांची पहुंचेगी. इस ट्रेन का ठहराव मूरी और बोकारो स्टील सिटी में भी निर्धारित किया गया है.
दूसरी ओर, नियमित ट्रेनों में सीटों की कमी यात्रियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. रांची राजधानी साप्ताहिक, जम्मू तवी–संबलपुर एक्सप्रेस, झारखंड संपर्क क्रांति, बेंगलुरु–हटिया एक्सप्रेस, एलेप्पी–धनबाद एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक–हटिया एक्सप्रेस और लोकमान्य तिलक–गया वाया रांची साप्ताहिक ट्रेनों में होली तक अधिकांश श्रेणियों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है.
ऐसे में होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन यात्रियों के लिए राहत भरी खबर साबित हो सकता है. रेलवे को उम्मीद है कि इन अतिरिक्त सेवाओं से त्योहार के दौरान यात्रा दबाव कम होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी.
