रांची(RANCHI): हजारीबाग की निर्भया कांड पर झारखंड हाई कोर्ट सख्त हो गया है. मामले को स्वत संज्ञान लेते हुए गृह सचिव, DGP और हजारीबाग एसपी से पूरे मामले में रिपोर्ट की मांग की है. साथ ही आरोपियों पर जल्द कार्रवाई करने का आदेश दिया है. इस बीच कोर्ट में हजारीबाग एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरीय कोर्ट में पेश हुए.
झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता धीरज कुमार ने बताया कि हजारीबाग में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार के द्वारा न्यायमूर्ति सुजीत प्रसाद की अदालत में स्वत संज्ञान के लिए अखबार की प्रतिलिपि दी गई. जिसपर खंडपीठ ने स्वत संज्ञान लेते हुए गृह सचिव,DGP और हजारीबाग एसपी को पार्टी इनप्लीट करते हुए जनहित याचिका में इसे तब्दील कर मुख्य न्यायमूर्ति के अदालत में ट्रांसफर किया है.
इस घटना पर हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. साथ ही कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए वह कम है. इसमें जल्द ही कार्रवाई करते हुए सभी आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने का काम करें.
बता दे कि हजारीबाग के विष्णुगढ़ में बीते 24 मार्च को घर से समान लेने निकली 12 साल की मासूम बच्ची को अगवा कर जंगल में ले जाया गया. जहां दरिंदों ने रेप किया. और फिर उसकी निर्मम हत्या कर दी. घटना को 6 दिन बीत जाने बाद भी आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है. जिसपर पूरे झारखंड में आक्रोश है.
सोमवार यानि 30 मार्च आज हजारीबाग को बंद रखा गया है. भाजपा के आह्वान पर हजारीबाग की सभी दुकाने बंद है. इस कांड से सभी में आक्रोश है और पुलिस से कार्रवाई कर आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए फांसी की सजा देने की मांग की है.