धनबाद(DHANBAD) | धनबाद के निरसा के एसडीपीओ प्रीतम सिंह खरवार को दुमका का एसपी बनाया गया है. उनके कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही अपराधियों ने उन्हें बहुत बड़ी चुनौती दे डाली है. यह चुनौती दुमका से लेकर रांची और रांची से जमशेदपुर तक बार-बार पुलिस अधिकारियों की नींद में खलल डालती रहेगी. गुरुवार को दुमका के जरमुंडी थाना के पास जमशेदपुर के गैंगस्टर अमरनाथ सिंह को गोलियों से भून दिया गया. वह श्रद्धालु के रूप में बाबा का दर्शन करने गया था कि घात लगाए उसके प्रतिद्वंदी जमशेदपुर के गणेश सिंह गिरोह के कथित शूटरों ने उस पर हमला बोल दिया. उसकी जान चली गई.
घटना से कुछ घंटे पहले घाटशिला से पकड़ाए थे सात समर्थक
इस घटना के कुछ घंटे पहले ही घाटशिला के निकट पुलिस ने अमरनाथ सिंह गिरोह के 7 लोगों को घेराबंदी कर धर दबोचा. एक को भागने के क्रम में पुलिस को पैर में गोली मारनी पड़ी. जिसका इलाज अभी एमजीएम अस्पताल में चल रहा है. अमरनाथ सिंह जमशेदपुर पुलिस के लिए नासूर बन गया था. घाटशिला में गैंग के लोगों के पकड़ में आने के कुछ ही घंटों के भीतर दुमका में अमरनाथ सिंह काम तमाम कर दिया गया. सूत्रों के अनुसार घटना के बाद फोन पर अमरनाथ सिंह के लोग किसी को बताया कि गणेशवा मरवा दिया है. मतलब अमर नाथ के लोग भी जानते होंगे कि यह मर्डर गणेश सिंह ने ही करवाया है. गणेश सिंह और अमरनाथ सिंह के बीच लंबे समय से अदावत चल रही थी.
अमरनाथ सिंह बढ़ा रहा था अपना दायरा
अमरनाथ सिंह अब जमशेदपुर के मानगो इलाके से निकलकर अपना दायरा बढ़ा लिया था. रंगदारी के लिए धमकाने का काम तेज कर दिया था. सूत्र बताते हैं कि अमरनाथ सिंह भी जमशेदपुर का कुख्यात गैंगस्टर था. उसकी अदावत अखिलेश सिंह से भी चली थी. यह अदावत उस समय थी ,जब परमजीत सिंह का गिरोह काम करता था. आरोप के मुताबिक परमजीत सिंह की हत्या अखिलेश सिंह गिरोह ने ही जेल में करा दी थी. अखिलेश सिंह तो अमरनाथ सिंह को निशाने पर नहीं ले सका लेकिन अमरनाथ सिंह की दुश्मनी गणेश सिंह से बढ़ती गई और यह दुश्मनी गुरुवार को मर्डर के रूप में सामने आई.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
