☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

तीन वर्ष में सिर्फ 357 लोगों को नौकरी, विज्ञापन जारी और रद्द करने का खेल कर रही है हेमंत सरकार- दीपक प्रकाश 

तीन वर्ष में सिर्फ 357 लोगों को नौकरी, विज्ञापन जारी और रद्द करने का खेल कर रही है हेमंत सरकार- दीपक प्रकाश 

रांची(RANCHI): 1932 का खतियान राज्यपाल के द्वारा लौटाये जाने और नियोजन नीति को लेकर छात्रों में आक्रोश के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने हेमंत सरकार पर बड़ा हमला बोला है, दीपक प्रकाश ने कहा है कि हेमंत सरकार राज्य के 30 लाख युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. तीन वर्ष में सिर्फ 357 लोगों को नौकरी देकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है. 

कहां गया प्रतिवर्ष 5 लाख नौकरियों का वादा

दीपक प्रकाश ने कहा कि चुनाव के समय हेमंत सोरेन के द्वारा युवाओं से नौकरी के बड़े-बड़े वादे किये गये थें, प्रति वर्ष पांच लाख नौकरी की बात कही गयी थी, नौकरी नहीं देने पर बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा हुई थी, लेकिन आज रोजगार तो दूर इस सरकार के द्वारा नौकरी छीनी जा रही है. राज्य सरकार के सभी वादे हवा हवाई साबित हो रहे हैं. 

भाषा विवाद, स्थानीय और नियोजन नीति के नाम पर उलझा रही है हेमंत सरकार

राज्य सरकार कभी यहां को नौजवानों को भाषा विवाद में उलझाती है को कभी स्थानीय और नियोजन नीति के नाम पर. हेमंत सरकार की नीति साफ है और ना ही नियत,  कभी विज्ञापन निकाली जाती है, फिर से उसे रद्द करने का खेल किया जाता है. इस सरकार के द्वारा अब तक दो बार विज्ञापन को रद्द किया गया है. राज्य सरकार की इस नीति से 30 लाख युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है, उनमें घोर निराशा छा रही है.

1932 का खतियान को राज्यपाल के द्वारा लौटाये जाने को मुद्दा बना रही है हेमंत सरकार

यहां बता दें कि राज्य सरकार की ओर से लाई गयी 1932 के खतियान पर आधारित स्थानीय नीति को राज्यपाल की ओर से लौटा दिया गया है, जिसके बाद हेमंत इसे आदिवासी-मूलवासियों का मुद्दा बना कर भाजपा को घेरने में लगी है. हेमंत सरकार की कोशिश 1932 के खतियान के बहाने भाजपा को आदिवासी मूलवासी साबित करने की है.

रामगढ़ उपचुनाव में भुगतना पड़ सकता है इसका खामियाजा

हालांकि राज्य की नियोजन नीति रद्द होने के बाद पूरे झारखंड में छात्रों के बीच गुस्सा देखा जा रहा है, इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब रामगढ़ उपचुनाव में यूपीए बंजरग महतो का नामाकंन करवाने जा रहे कांग्रेस के कई मंत्रियों को छात्रों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा. माना  जा रहा है कि छात्रों में मौजूद इस आक्रोश का खामियाजा यूपीए  खेमे को रामगढ़ उपचुनाव में उठाना पड़ सकता है.

रिपोर्ट : देवेन्द्र कुमार 

Published at:09 Feb 2023 05:01 PM (IST)
Tags:Hemant governmentDeepak Prakash
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.