रांची(RANCHI): हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की बेंच में JSSC नियुक्ति नियमावली में संशोधन के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा कि वह मेरिट पर बहस करेगी. इसके लिए समय की मांग की गयी. वहीं याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखते हुए पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार ने विरोध किया. अदालत को बताया कि सरकार के इस कदम से लाखों अभ्यर्थियों को सीधे बाहर कर दिया गया है. अब तक सरकार ने एक प्रतियोगी परीक्षा कराई है. वहीं दूसरे को लेकर विज्ञापन जारी कर दिया गया. यह मौलिक अधिकारों का हनन है.
पिछली सुनवाई में सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा था कि इस नियमावली को लेकर सभी की राय लेकर अदालत को अगले कदम की जानकारी दी जाएगी. हालांकि आज अदालत में कहा गया कि सरकार मेरिट पर ही बहस करना चाहेगी. अदालत ने अंतिम बहस के लिए 10 अगस्त की तिथि निर्धारित की. अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने बताया कि जेएसएससी की संशोधित नियमावली की वजह से अभ्यर्थियों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा.
