धनबाद(DHANBAD): बाघमारा से भाजपा विधायक ढुल्लू महतो के निर्वाचन को चुनौती देने वाली जलेश्वर महतो की याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को हाईकोर्ट में हुई. तीन लोगों ने गवाही दी. इनमें तत्कालीन रिटर्निंग ऑफिसर संजय भगत, तत्कालीन सहायक रिटर्निंग ऑफिसर विकास त्रिवेदी तथा ढुल्लू महतो के इलेक्शन एजेंट माधव चंद्र दास शामिल है. संजय भगत और विकास त्रिवेदी ने अपनी गवाही में कहा कि इलेक्शन कमीशन के ओब्जरवार की मौजूदगी में बूथ 266 की खराब ईवीएम को नहीं खोलने का निर्णय लिया गया था. उस ईवीएम में जितने वोट पड़े थे, उसे काफी ज्यादा अंतर से ढुल्लू महतो जीते थे. जिस कारण ऑब्जर्वर ने ईवीएम नहीं खोलने का निर्णय लिया था.
किसी ने नहीं जताई आपत्ति
इलेक्शन एजेंट ने कहा कि किसी ने भी बूथ 266 की खराब ईवीएम मशीन को नहीं खोले जाने पर आपत्ति नहीं जताई थी. 31 मार्च को विधायक ढुल्लू महतो की गवाही होनी है. ढुल्लू महतो के राजनीतिक प्रतिद्वंदी जलेश्वर महतो ने निर्वाचन को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है. 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में ढुल्लू महतो और जलेश्वर महतो प्रतिद्वंदी थे. जलेश्वर महतो को हराकर ढुल्लू महतो चुनाव जीते. उसके बाद जलेश्वर महतो ने ढुल्लू महतो के निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में मुकदमा किया. इसी मामले में सुनवाई और गवाही चल रही है. इधर, आपको यह भी बता दें कि ढुल्लू महतो लगभग 50 दिनों के बाद अभी हाल ही में जेल से बाहर निकले हैं. कई थानों में उनके खिलाफ दर्ज मामलों में वह जेल में थे. जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आए हैं.
रिपोर्ट: सत्यभूषण सिंह, धनबाद
