हजारीबाग (HAZARIBAGH): चरही थाना क्षेत्र स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बहेरा में छात्राओं के साथ कथित छेड़खानी और दुराचार के गंभीर आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है. स्कूल के हेडमास्टर महेन्द्र प्रसाद राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उपायुक्त कार्यालय के निर्देश पर उनके खिलाफ चरही थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय तय किया गया है.
प्रशासन ने स्कूल के संचालन को प्रभावित न होने देने के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था भी की है. उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपरा उर्दू, प्रखंड चुरचू में पदस्थापित शिक्षिका पुष्पलता कुमारी को बहेरा विद्यालय का प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां सुचारू रूप से जारी रह सकें.
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है. इस टीम में उप निर्वाचन पदाधिकारी मां देवप्रिया को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा और कार्यपालक दंडाधिकारी सना उस्मानी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. जांच दल को निर्देश दिया गया है कि वह पूरे मामले की गहन जांच कर 24 घंटे के भीतर संयुक्त रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपे.
बताया जा रहा है कि स्कूल की दो दर्जन से अधिक छात्राओं ने हेडमास्टर पर अनुचित व्यवहार और छेड़खानी के आरोप लगाए हैं. मामला तब सामने आया जब इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति तक पहुंची. इस घटना के बाद जिले के शिक्षा विभाग में सनसनी फैल गई है.
स्थानीय अभिभावकों में आक्रोश देखा जा रहा है. लोग छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषी होने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. फिलहाल जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे.