पलामू (PALAMU): जपला-हैदरनगर मुख्य पथ पर स्थित दो रेलवे क्रॉसिंग को लेकर नया मामला सामने आया है. पिछले कई वर्षों से स्थानीय जनता रेलवे क्रॉसिंग को लेकर परेशानियों का सामना कर रही थी. ऐसे में लंबे इंतजार के बाद अब इस समस्या के स्थाई और त्वरित समाधान की उम्मीद जग गई है. दरअसल, पलामू सांसद विष्णुदयाल राम द्वारा रेल मंत्री को लिखे गए पत्र का असर अब धरातल पर दिखने लगा है. रेलवे विभाग ने इस दिशा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है जिससे आम लोगों को जल्द ही जाम से मुक्ति मिलने वाली है.
जानकारी के अनुसार, शनिवार को रेलवे के मंडल अभियंता दिवाकर प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम ने रेलवे क्रॉसिंग बीती 50 का गहन निरीक्षण किया. इस टीम में जिप उपाध्यक्ष आलोक कुमार सिंह, हुसैनाबाद एसडीओ गौरांग महतो और हैदरनगर के अंचल पदाधिकारी संतोष कुमार मुख्य रूप से शामिल थे. अधिकारियों ने स्थल पर पहुँचकर भौगोलिक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जमीन की उपलब्धता और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
अंडरपास और सड़क निर्माण का त्वरित समाधान
निरीक्षण के दौरान मंडल अभियंता ने स्पष्ट किया कि आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) बनने में समय लग सकता है. इसलिए जनता को तत्काल राहत देने के लिए अंडरपास और एक नई सड़क का निर्माण कराया जाएगा. यह सड़क उच्च विद्यालय तक बनाई जाएगी जिससे यातायात सुगम हो सके. अभियंता ने अंचल पदाधिकारी से भूमि संबंधी आवश्यक दस्तावेज भी मांगे हैं. उन्होंने आश्वासन दिया कि इसी माह के भीतर सड़क निर्माण और अंडरपास का कार्य धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा.
जाम की समस्या से मिलेगी 60% राहत
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि रेलवे की बगल की जमीन पर सड़क का निर्माण हो जाने से क्रॉसिंग की समस्या 60 प्रतिशत तक कम हो जाएगी. जब तक आरओबी पूरी तरह तैयार नहीं हो जाता, तब तक वर्तमान रेलवे गेट को भी संचालित रखा जाएगा. इससे भारी वाहनों का आवागमन प्रभावित नहीं होगा और छोटे वाहनों को अंडरपास के जरिए रास्ता मिल जाएगा. इस योजना के पूर्ण होने से हैदरनगर और आसपास के क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी.
निरीक्षण के मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की भारी उपस्थिति रही. इसमें थाना प्रभारी अफजल अंसारी, मुखिया जितेंद्र कुमार सिंह और पंचायत समिति सदस्य गुप्तेश्वर पांडेय समेत कई गणमान्य लोग शामिल हुए.