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घर-घर पहुंचे शिक्षा का उजियारा, कल्याणकारी राज्य का यही हो मकसद: ज्यां द्रेज

BY -
Shahroz Quamar
Shahroz Quamar
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 8:32:24 AM

रांची (RANCHI): कहां तो तय था चराग़ां हर एक घर के लिए, अब तो मयस्सर नहीं है हर एक शहर के लिए. शिक्षक दिवस पर एसडीसी रांची में हुए एक कन्वेंशन में मशहूर अर्थशास्त्री व सोशल एक्टीविस्ट प्रो. ज्यां द्रेज के दिये वक्तव्य को सुनकर दुष्यंत कुमार का उक्त शेर याद आता है. ज्यां द्रेज ने कहा कि कल्याणकारी राज्य का प्रयास रहता था कि शिक्षा की उजास हर घर-आंगन तक पहुंचे, लेकिन आज इसे कुछ खास लोगों तक सीमित किया जा रहा है. क्लस्टर स्तर पर स्कूल खोलने की बात की जा रही है. यह एक चिंता की बात है. इसके लिए सभी संगठन को एक साथ मिलकर आवाज़ उठानी होगी. उन्होंने कहा, मैंने संयुक्त बिहार के समय से शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए. कोविड के समय भी शिक्षा के स्थिति पर सर्वे का कार्य किया. शिक्षा बचाओ, देश बचाओ को लेकर झारखंड शिक्षा मंच ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर एक दिवसीय कन्वेंशन किया था. आयोजन में ज्ञान विज्ञान समिति झारखंड, साइंस फॉर सोसाइटी झारखंड और झारखंड साइंस फोरम का सहयोग रहा.

शिक्षा का किया जा रहा व्यवासायीकरण 

भारत ज्ञान विज्ञान समिति के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. काशी नाथ चटर्जी ने कहा कि झारखंड में अभी तक 6500 स्कूल बंद हो चुके हैं. शिक्षा का निजीकरण, केंद्रीयकरण व व्यवसायीकरण किया जा रहा है. खेत-खलिहान में शिक्षा के तहत आज ही के दिन पिछले वर्ष 2021 में ज्ञान विज्ञान सामुदायिक शिक्षा केंद्र की शुरुआत की गई थी. आज राज्य के विभिन्न जिलों में 20 हजार बच्चे 5 जिलों में खेल-खेल में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. बतौर मुख्य अतिथि रांची विश्विद्यालय के एक्स वीसी प्रो. अनवार अहमद ख़ां ने इतिहास से एक कहानी के मार्फत शिक्षक-शिष्य के सबंध के बारे में बताया. कहा कि एलेकजेंडर जब लड़ाई में जख्मी हो जाते हैं, तो उनके शिक्षक अरेस्टेनों उनसे मिलना चाहते थे. वह एलेकजेंडर से मिले भी. साइंस फॉर सोसाइटी झारखंड के अध्यक्ष प्रो. एआई खान ने कहा कि आज अभिव्यक्ति की आजादी छिनती जा रही है. सरकार के संरक्षण में धार्मिक विवाद बढ़ा है.    

याद किये गए डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, तस्वीर पर माल्यार्पण

कन्वेंशन में शिक्षा नीति 2020 के परिपेक्ष्य में झारखंड की शिक्षा की स्थिति, ज्ञान विज्ञान समिति के द्वारा स्कूली शिक्षा का सर्वेक्षण और सामुदायिक शिक्षण केंद्र के संदर्भ, झारखंड में उच्च शिक्षा की स्थिति- शिक्षा नीति 2020, स्कूली पूर्व शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा की स्थिति, चिकित्सा शिक्षा और वयस्क शिक्षा की चुनौतियों आदि विषयों को लेकर चर्चा की गई. संचालन ज्ञान विज्ञान समिति झारखंड के राज्य महासचिव विश्वनाथ सिंह ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत सर्व प्रथम डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के तस्वीर पर माल्यार्पण से हुई. इसके बाद प्रो. अभिजीत सेन, प्रो.परशु राम, मो. जिलानी और निमाई कालिंदी को एक मिनट की मौन श्रद्धांजलि दी गई. कन्वेंशन में शिव शंकर प्रसाद, डीएनएस आनंद श्रमिष्ठा सरकार, सुभाष चटर्जी, प्रो.दीपक कुमार सेन, डॉ. मदन सरकार, झारखंड राज्य प्रशिक्षित सहायक  अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीकी शेख, जन स्वास्थ्य अभियान झारखंड के संयोजक समीर दास, कामेश्वर गांझू, रवि सिंह, रामनुग्रह सिंह, भोला नाथ राम, सुरेंद्र प्रसाद ठाकुर, जैनेंद्र कुमार, इंदु तिवारी, चिंता देवी, राजू बाउरी, बैजनाथ वर्मा, योगेंद्र गुप्ता, संजीत कुमार भंडारी, दिग विजय सिंह आदि मौजूद रहे.

Tags:News

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