गुमला(GUMLA): पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाना बहुत जरूरी है. इसी के तहत राज्य सरकार ने पूरे राज्य में दो करोड़ पौधा लगाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए सभी जिलों में पौधा लगाना है. गुमला जिला में भी लाखों पौधा लगाया जाना है. इसे लेकर वन विभाग के कर्मी अभी से ही तैयारियों में लग गए हैं. डीएफओ श्रीकांत वर्मा ने बताया कि ऐसे तो पहले से ही पूर्व की तुलना में जिला में वनक्षेत्र में वृद्धि हुई है. लेकिन जिन स्थानों पर अभी भी पौधा नही है. उन स्थानों पर पेड़ लगाने को लेकर बड़े स्तर पर कार्य योजना बनाई गई है.
तेजी से तैयार किया जा रहा है पौधा
डीएफओ के निर्देश पर रेंजर जॉन रोबर्ट तिर्की द्वारा जिले के विभिन्न इलाको में मौजूद पौधशाला में तेजी से पौधो को तैयार किया जा रहा है. रेंजर जॉन रोबर्ट तिर्की ने बताया कि यहां पौधा स्थानीय मिट्टी में तैयार किया जाता है. इसलिए उसके जीवित रहने की पूरी संभावना बनी रहती है. उन्होंने कहा कि गुमला के पौधशाला में तैयार पौधों की खरीदार आम व्यक्ति भी कर सकता है और अपने जमीन और घर के परिसर में लगा सकता है. ज्ञात हो कि जिला में वन विभाग द्वारा लगातार पेड़ लगाया जा रहा है. इसके लिए वे कभी भी बाहर से पौधा नही खरीदते हैं.
मजदूर पौधा तैयार करने में कर रहे हैं कड़ी मेहनत
वन विभाग के पौधशाला में कई मजदूर दिन रात मेहनत कर पौधों को तैयार करने में लगे हैं. मजदूरों की मानें तो वे इस तरह से पौधों को तैयार करते हैं कि उनके मरने की संभावना काफी कम होती है, जिस मिट्टी में पौधों को तैयार किया जाता है उसमें पूरी तरह से जैविक खाद मिलाया जाता है, ताकि पौधा पुरी क्षमता के साथ तैयार हो. उसके बाद यहां से ले जाकर पौधों को अन्य स्थानों पर लगाया जाता है. पेड़ पौधों के क्षेत्र में लम्बे समय से काम कर रहे स्थानीय जानकार अनिरुद्ध चौबे की मानें तो निश्चित रूप से वन विभाग जो अपने पौधशाला में पेड़ तैयार करता है. वह पौधा काफी बेहतर होता है. उन पौधो से अच्छी उपज ली जा सकती है. साथ ही उनका ग्रोथ भी सही रहता है. उन्होंने सरकार से वन विभाग को और पौधशाला तैयार करने के लिए संसाधन उपलब्ध करवाने की मांग की है.
रिपोर्ट: सुशील कुमार सिंह, गुमला
