गुमला(GUMLA):गुमला में छठ पर्व को लेकर लोगो ने तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी छठ घाटों की व्यावस्था को लेकर प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिल रही है,कुछ ऐसी ही स्थिति कोयल नदी के किनारे के घाट को देखने को मिल रहा है.गुमला जिला के कोयल नदी के आस-पास घाटों में लोग हजारों की संख्या में छठ पूजा करने के लिए आते हैं, लेकिन इसके बाद भी जिला प्रशासन की ओर से छठ घाट की व्यावस्था को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है.जिससे मजबूर होकर लोग खुद से ही घाट की साफ सफाई करते हुए नजर आ रहे हैं.
नदियों का अस्तित्व मिटता जा रहा है
स्थानीय लोगों की माने तो इस नदी की स्थिति पहले बहुत सही थी, लेकिन अब स्थिति काफी खराब होती जा रही है, नदियों का अस्तित्व मिटता जा रहा है.वहीं जिस रास्ते से लोग घाट तक पहुंचते है, वहां काफी नुकीला चट्टान है, जो काफी खतरनाक है. ऐसे में प्रशासनिक जो तैयारी होनी चाहिये वो नहीं होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. वही नदी में पानी भी कम होने से भी दिक्कत होती है.
प्रशासनिक पदाधिकारी केवल मंचों की शोभा बढ़ाने के लिए आते हैं- स्थानीय
आपको बताये कि घाटों की सफाई करनेवाले लोगों ने बताया सभी लोग अपनी ओर से पैसे का जुगाड़ करके यहां भक्तों के लिए सुविधा देने की कोशिश करते है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई व्यावस्था नहीं होती है, उनकी माने तो प्रशासनिक पदाधिकारी केवल मंचो की शोभा बढ़ाने के लिए आते है, उन्हें यहां कैसे बेहतर व्यावस्था हो इस बात से कोई लेना देना नहीं है.
