रांची(RANCHI): झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस तीन दिनों से दिल्ली दौरे पर हैं. अपने इस दौरे के बाद आज वो वापस रांची लौट रहे हैं. राज्यपाल की वापसी से फिर से एक बार राजनीतिक गलियारे में हलचल शुरू हो चुकी है. अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े कन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट के निर्वाचन आयोग के फैसले पर टिकी है. बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खनन लीज मामले में बीजेपी की शिकायत के बाद राज्यपाल ने ही चुनाव आयोग से मन्तव्य मांगा था.
राज्यपाल के आदेश के बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले की सुनवाई की. अब चुनाव आयोग को इस मामले में फैसला सुनाना है. चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद आखिरी फैसला राज्यपाल को ही लेना है. सूत्रों की मानें तो हर बिन्दु पर कानून के जानकारों और केंद्र में पदस्थ लोगों से विचार-विमर्श किया जा चुका है. इसी के आधार पर राज्यपाल फैसला ले सकते हैं. ये भी माना जा रहा है कि राज्यपाल के वापसी के तुरंत बाद ही चुनाव आयोग अपना मन्तव्य राज्यपाल को सौंप सकता है, जिसके बाद एक-दो दिन के अंदर ही राज्यपाल फैसला ले सकते हैं.
फैसला विरुद्ध आने पर सीएम की चली जाएगी विधायकी
चुनाव आयोग का फैसला अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विरुद्ध आता है, तो उनकी विधानसभा की सदस्यता जा सकती है. ऐसे में माना जा रहा है कि झामुमो और कांग्रेस ने बैकअप प्लान तैयार कर रखा है. प्लान A, B, C सभी तैयार है. बता दें कि अगर चुनाव आयोग का फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आता है तो उनकी सदस्यता जा सकती है. मगर, फिर भी वे मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं. बशर्ते उन्हें अगले छह महीने के अंदर फिर से चुनाव लड़ना होगा और उस चुनाव को जीत कर फिर से विधायक बनना होगा. वहीं बैकअप प्लान के तौर पर झामुमो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को अगला मुख्यमंत्री बना सकती है. इसके अलावा भी कई नामों पर चर्चा हो रही है.
