टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं. सचिव राधेश्याम प्रसाद ने कहा कि अगर मतदान में तैनात सरकारी कर्मचारी बूथ कैप्चरिंग या किसी भी अनैतिक गतिविधि में पाए जाते हैं और यह प्रमाणित होता है, तो उन्हें तीन से पांच साल की जेल हो सकती है. इसके अलावा विभागीय कार्रवाई भी होगी, जिससे नौकरी जाने का खतरा रहेगा.
सामान्य नागरिकों के लिए सजा एक से पांच साल तक है, लेकिन सरकारी कर्मचारियों के मामले में न्यूनतम सजा तीन वर्ष निर्धारित की गई है. आयोग ने सभी निर्वाचन कर्मियों से निष्पक्ष और स्वच्छ मतदान सुनिश्चित करने की उम्मीद जताई है.
राज्य में इस बार 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसमें पुरुष मतदाता 22 लाख 7 हजार 203, महिला मतदाता 21 लाख 26 हजार 227 और थर्ड जेंडर मतदाता 144 हैं.
राज्य में कुल 48 नगर निकायों, 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत में 23 फरवरी 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा. कुल 1,087 वार्डों में 4,304 बूथ बनाए गए हैं, जहां लगभग 50,000 सरकारी कर्मचारी ड्यूटी पर रहेंगे. प्रत्येक बूथ पर प्रीज़ाइडिंग ऑफिसर सहित पांच कर्मी और चार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे. 100 मीटर के दायरे में सुरक्षा की बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है.
मतगणना 27 फरवरी 2026 को होगी और इसे तीन स्तर की सुरक्षा के साथ आयोजित किया जाएगा. बैलेट पेपर महापौर/अध्यक्ष के लिए पिंक और वार्ड पार्षद के लिए सफेद होंगे, और मतदाता अपने पहचान पत्र दिखाकर मतदान करेंगे.
