धनबाद : सोना और चांदी के लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए गोल्ड कंट्रोल एक्ट एवं एक्साईज ड्यूटी लगवाने के लिए तथा सोना चांदी को शेयर मार्केट से हटवाने सहित सोना एवं चांदी के सभी व्यापारियों एवं कारीगरों के पास मात्र 100 ग्राम सोना एवं 5 किलो चांदी रखने का आदेश भारत सरकार द्वारा जारी किये जाने के मामले में स्वर्णकार कारीगर संघ के द्वारा धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर शुक्रवार से दो दिवसीय निर्जला उपवास अनशन शुरू किया गया है.
काम मिलना हुआ मुश्किल
निर्जला उपवास के द्वारा आंदोलन कर रहे स्वर्णकार कारीगर संघ के लोगों ने बताया कि इस आंदोलन के माध्यम से जनता एवं सरकार को जगाने एवं यह बताने की कोशिश की जा रही है कि आज गोल्ड कन्ट्रोल एक्ट एवं एक्साईज डियूटी हट जाने के कारण सोना एवं चांदी की बनी हुई जेवरात, रेडिमेट आभूषण अलग-अलग राज्यों से अवैध तरीके से तस्करी कर यहां लाया जा रहा है जिसके कारण देश के लाखों सोना चांदी के गरीब कारीगरो को सोना चांदी का काम मिलना मुश्किल हो गया है.
भूखमरी के कगार पर पहुंची स्थिति
आज परिस्थिति ऐसी हो चुकी है कि देश के लाखों सोनार कारीगरो के परिवारो की स्थिति भूखमरी के कगार पर पहुंच गई है. ऐसा न हो कि देश के सोनार कारीगरो को मजबूर होकर आत्महत्या करना पड़ जाए. स्वर्णकार कारीगर संघ ने सरकार एवं प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि सोना एवं चांदी पर सरकार कन्ट्रोल एक्ट एवं एक्साईज ड्यूटी लागू करे.
जीता जागता उदाहरण
वहीं धरना दे रहे स्वर्णकार संघ से मिलने पहुंचे पूर्व मेयर सह धनबाद मेयर प्रत्याशी चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि कहा जाता था कि बड़े-बड़े व्यवसायी छोटे दुकानदारों को खा जाएंगे यह उसी का जीता जागता उदाहरण है. आज बड़े बड़े कॉरपोरेट घरानों की वजह से गली-कूचों में दिखने वाले सोने-चांदी के दुकान आहिस्ता-आहिस्ता समाप्त होते जा रहें हैं. उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस ओर ध्यान देने की मांग की.
रिपोर्ट - नीरज कुमार
