धनबाद(DHANBAD): गुंजन ज्वेल्स डाकाकांड में धनसार पुलिस के हाथ अभी तक खाली है. जेवर का एक ढेला भी पुलिस बरामद नहीं कर सकी है. इसबीच रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपी फिर जेल पहुंच गए है. पुलिस के सामने आरोपियों की स्वीकारोक्ति है कि जेवर दुकान से लूटा गया सोना रमेश ठाकुर एवं रवि रंजन की गिरफ्तारी के बाद ही बरामद हो सकता है. गैंग के किंगपिन यही दोनों है. रमेश ठाकुर घटना करने के बाद नेपाल में जाकर छिप जाता है. वहीं ,उसकी पत्नी और बच्चे रहते है. उसके भाई और बहन की शादी भी नेपाल में ही हुई है. यह बात आरोपियों ने पुलिस को बताई.
मुथूट कांड में दोनों आरोपी गिरफ्तार किए गए थे
आपको बता दें कि मुथूट कांड में दोनों आरोपी गिरफ्तार किए गए थे. राहुल सिंह उर्फ राघव एवं मोहम्मद आसिफ उर्फ निर्मल सिंह उर्फ मामा से धनसार पुलिस ने 4 दिनों तक लंबी पूछताछ की. आरोपियों ने पुलिस के समक्ष बैंक मोड़ स्थित मुथूट फिनकॉर्प मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए घटना का पूर्ण विवरण पुलिस को बताया. यह भी स्वीकार किया है कि लूटकांड की योजना बड़ी हाईटेक तरीके से बनाई जाती है. और गैंग के सदस्यों की जानकारी सिर्फ रमेश ठाकुर उर्फ शंकर या रवि रंजन उर्फ रमी को ही हुआ करती है. वे लोग जब घटनास्थल पर पहुंचते थे, तब सिर्फ उन लोगों को काम बताया जाता था. वे लोग एक दूसरे को नहीं जानते है.
जमशेदपुर में बैंक लूट कांड में शामिल
आरोपियों ने अपनी संलिप्तता कई लूट के मामलों में स्वीकार की है. 18 अगस्त 2022 को जमशेदपुर में डिमना चौक के पास बैंक ऑफ इंडिया में 34 लाख रुपए एवं करीब ढाई किलो सोना हथियार के बल पर बैंक के स्टाफ एवं ग्राहकों को बंधक बनाकर लूटा गया था. इस घटना की योजना बेउर जेल में बंद सुबोध सिंह एवं पल्लू सिंह उर्फ राजीव सिंह द्वारा तैयार किया गया था. इसके अलावा उसने हरियाणा एवं उत्तराखंड में भी घटना को अंजाम दिया है.
