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ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों को मिल रहा सरकार का साथ, राज्य स्तरीय समारोह में बैंड की धुन बजा कर पा रही प्रशंसा

ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों को मिल रहा सरकार का साथ, राज्य स्तरीय समारोह में बैंड की धुन बजा कर पा रही प्रशंसा

दुमका (DUMKA) : बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झारखंड के प्रत्येक प्रखंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की स्थापना की गयी. दुमका जिला के सभी प्रखंडों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित है, जहां छात्राओं को शिक्षित करने के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी दक्ष बनाने का प्रयास किया जाता है. इसी कड़ी में सभी जगह बैंड का गठन किया गया है. जिले के जरमुंडी प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के बैंड की धुन जिला ही नहीं राज्य स्तरीय समारोह में भी सुनाई पड़ने लगी है. जिला स्तर पर समारोह कोई भी हो जरमुंडी स्थित कस्तूरबा विद्यालय की बैंड की धुन समारोह में चार चांद लगता है. 

बालिकाओं को म्ल रहा सरकार का साथ

घर की चहारदीवारी में रहने वाली बालिका को जब सरकार का साथ मिला तो घर से निकलकर विद्यालय पहुचीं और आज ये छात्राएं अपनी प्रतिभा से सबका मन मोह रही है. ये छात्राएं इसे कला के साथ-साथ अच्छा व्यायाम मानती है और इसके सहारे अपना कैरियर संवारने को बेताब दिख रही है. इसके लिए पूरी टीम विद्यालय परिसर में नियमित अभ्यास करती है. अक्सर जब किसी शादी समारोह का जिक्र होता है तो लोगों के जेहन में बैंड का नाम सबसे पहले आता है. पुरुष प्रधान समाज मे बैंड बजाने का काम पुरुषों के द्वारा ही किया जाता है, लेकिन इस मिथक को तोड़ते हुए ये छात्राएं बैंड की धुन पर पुरुषों के साथ कदमताल करने को तैयार है. तभी तो कहती है कि ऐसा कौन सा कार्य है जो महिलाएं नहीं कर सकती.

लड़कों से कम नहीं होती लड़कियां 

सचमुच आज के समय  में लड़कियां लड़कों से कम नहीं होती. हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कदमताल करते नजर आती है. जरमुंडी कस्तूरबा की छात्राएं शिक्षित होने के साथ साथ बैंड की धुन के सहारे आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा चुकी है. छात्राओं के इस प्रयास की जितनी भी सराहना की जाए कम होगी.

रिपोर्ट : पंचम झा, दुमका

Published at:13 Feb 2023 12:38 PM (IST)
Tags:jharkhand governmentkasturba gandhi schoolband girlsthe news post
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