गिरिडीह(GIRIDIH): गिरिडीह में जेलर प्रमोद कुमार पर गोली चलाई गई थी. इस गोली कांड में शामिल एक अपराधी को एक हथियार और एक बाइक के साथ पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है. सोमवार को इसी दावे और अधूरी उपलब्धियों के बीच प्रेसवार्ता की गई. मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के ही उदनाबाद के पुल के समीप से पकड़ा गया था.
इस दौरान गिरफ्तार अपराधी आशीष साह को पेश कर सदर एसडीपीओ अनिल सिंह और मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनय राम ने जेलर प्रमोद कुमार गोली कांड मामले में गिरिडीह पुलिस की पिछले पांच दिनों से हो रही छीछालेदार से बचने के लिए अपनी पीठ तक थपथपा ली. लेकिन जब प्रेसवार्ता में सदर एसडीपीओ अनिल सिंह से सवाल पूछा गया कि जेलर प्रमोद कुमार पर गिरफ्तार अपराधी समेत दो अपराधियों ने बीते 20 जूलाई को गोली क्यों चलाई? तो इस सवाल का जवाब देते हुए एसडीपीओ ने कहा कि फिलहाल स्पस्ट नहीं हुआ है कि जेलर प्रमोद कुमार पर अपराधियों ने आखिर क्यों गोली चलाई. इतना ही नहीं, एसडीपीओ यह भी नही बता पाएं कि गोली कांड में शामिल फरार दूसरा अपराधी मंगेश मंडल कौन है और कहां का है. लेकिन, पुलिस सूत्रों की मानें तो फरार अपराधी मंगेश मंडल गिरिडीह का रहने वाला है. जबकि गिरफ्तार अपराधी आशीष साह देवघर के मरगोमुंडा थाना का रहने वाला है.
गिरफ्तार अपराधी की मामलों में पहले भी जेल जा चुका है
वहीं प्रेसवार्ता के दौरान एसडीपीओ अनिल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी आशीष साह पहले भी कई मामलों में जेल जा चुका है. मार्च में ही आशीष साह ने गिरिडीह के ताराटांड थाना क्षेत्र के गांव में बिजली विभाग के वसूली शिविर लूटकांड में जेल गया था. इस लूटकांड मामले में जेल से बाहर निकलने के कुछ दिनों बाद ही आशीष साह ने मंगेश मंडल के साथ जेलर प्रमोद कुमार की हत्या करने के मकसद से तीन रांउड गोली फायरिंग की. जबकि जामताड़ा के नगर थाना के एक मामले में आशीष साह पहले ही जेल जा चुका है. एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी के पास से जिस बाइक को बरामद किया गया है, उसी बाइक से इसने मंगेश मंडल के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया. जबकि इसके पास से एक देशी पिस्तौल के साथ देसी पिस्तौल का दो मैगजीन और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया.
रिपोर्ट: दिनेश कुमार, गिरिडीह
