गिरिडीह (GIRIDIH): जिले के चर्चित दिलीप दास हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मुफ्फसिल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कबरीबाद कोयला खदान के मैनेजर सह सुरक्षा प्रभारी रामसागर और सीसीएल कर्मी अख्तर अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. दोनों की गिरफ्तारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.
जानकारी के अनुसार, कोयला मजदूर दिलीप दास की मौत के मामले में पुलिस लगातार जांच कर रही थी. जांच के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी. इसी बीच गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने सरकारी क्वार्टर में मौजूद हैं और फरार होने की तैयारी कर रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को दबोच लिया.
शनिवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को सदर अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई. इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. गिरफ्तारी के बाद पुलिस कंट्रोल रूम में दोनों के फिंगरप्रिंट भी लिए गए. हालांकि, मीडिया से बातचीत के दौरान दोनों आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया. गाड़ी में बैठते समय रामसागर और अख्तर अंसारी ने कहा कि दिलीप दास की मौत मजदूरों के बीच आपसी विवाद और मारपीट के कारण हुई थी. उन्होंने दावा किया कि इस मामले में सीसीएल प्रबंधन या किसी कर्मचारी की कोई भूमिका नहीं है.
गौरतलब है कि दिलीप दास की मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था. मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू की थी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी गिरफ्तारी हो सकती है. मामले को लेकर पुलिस लगातार सबूत जुटाने में लगी हुई है.
रिपोर्ट : दिनेश रजक