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Ghatshila By-Election  : जेएलकेएम के मैदान में उतरने से क्या बैठेगा गणित, पढ़िए इस रिपोर्ट में

BY -
Satya Bhushan Singh   Dhanbad
Satya Bhushan Singh Dhanbad
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 18, 2026, 11:06:14 PM

धनबाद(DHANBAD): घाटशिला उपचुनाव में विधायक जयराम महतो की पार्टी ने भी उम्मीदवार की घोषणा कर दी है.  पुराने उम्मीदवार पर ही पार्टी ने दांव  लगाया है.  अब यह लड़ाई दिलचस्प होगी, इसमें कोई शक- सुबहा  नहीं है.  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में नामांकन करने पहुंचे और उसके बाद उन्होंने भाजपा को जो ललकार दी , उससे साफ हो गया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ेगा.  वैसे, तो भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में भी झारखंड के बड़े और कद्दावर नेता पहुंचे थे.  कहा जा सकता है कि घाटशिला उपचुनाव जीतने के लिए सभी दल अपनी पूरी ताकत झोकेंगे.  झामुमो  की तरफ से सोमेश सोरेन  चुनावी अखाड़े में है, तो भाजपा की ओर से बाबूलाल सोरेन मैदान में है.  जेएलकेएम ने भी रामदास  मुर्मू को पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया है.  वैसे, तो सबको 14 नवंबर का इंतजार रहेगा, लेकिन उसके पहले राजनीतिक लड़ाई उफान  पर होगी.  एक आंकड़े के मुताबिक झारखंड में हुए उप चुनाव में भाजपा के खाते में कुछ खास नहीं आया है.  2014 के बाद झारखंड में कुल आठ उप चुनाव हुए.  जिनमे  पांच में झामुमो, दो सीट पर कांग्रेस और एक पर आजसू  की जीत हुई थी. 

 2014 के बाद के उपचुनाव से किस दल को मिली ताकत 
 
2014 के बाद पहली बार 2018 में उपचुनाव हुए.  गोमिया और सिल्ली  में उपचुनाव की बात कही जाती है.  दरअसल, यह  उपचुनाव झामुमो के दो बड़े नेता अमित महतो और योगेंद्र महतो को 2 साल से अधिक सजा होने के बाद हुई थी.  इस उप चुनाव में अमित महतो की पत्नी सीमा महतो और योगेंद्र  महतो की पत्नी बबीता महतो ने जीत दर्ज की थी.  फिर 2019 से 2024 के बीच 6 उपचुनाव हुए.   झामुमो ने तीन, कांग्रेस ने दो और आजसू  ने एक सीट पर कब्जा किया.  दुमका से बसंत सोरेन ने जीत दर्ज की थी, जबकि मधुपुर से हफीजुल अंसारी और डुमरी से स्वर्गीय जगरनाथ  महतो की पत्नी बेबी देवी ने जीत दर्ज की थी.  कांग्रेस ने मांडर और बेरमो से जीत दर्ज की.  बेरमो से कांग्रेस के  उम्मीदवार अनूप सिंह जीत हासिल की , जबकि मांडर सीट से बंधु तिर्की की बेटी शिल्पी नेहा तिर्की ने जीत दर्ज की.  रामगढ़ सीट  पर आजसू  की ममता देवी जीती.  

2025  के उपचुनाव का परिणाम कईयों का भविष्य तय करेगा 

खैर, 2025 में फिर उपचुनाव हो रहा है.  यह  उपचुनाव भाजपा के नेताओं के लिए तो विशेष है ही, सबसे अधिक खास पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के लिए है.  चंपई सोरेन ने अपने बेटे को टिकट दिलाने में तो सफल हो गए हैं ,लेकिन जीत दिलाना एक बड़ी चुनौती हो सकती है.  शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐलानिया  लहजे में कह दिया कि भाजपा के चाहे कितने भी पूर्व मुख्यमंत्री मैदान में आ जाए, भाजपा चाहे कुछ भी कर ले, एक  वह (खुद) सब पर भारी पड़ेंगे.  मतलब मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि चुनावी रण भीषण  होगा.  अगर बीजेपी यह  उप चुनाव हार जाती है, तो न केवल चंपाई  सोरेन की राजनीतिक भविष्य पर खतरा मडरा  सकता है, बल्कि बाबूलाल मरांडी को भी नुकसान हो सकता है.  भाजपा इस प्रयास में थी कि जेएलकेएम या तो समर्थन कर दे  अथवा चुनाव से दूरी बना ले, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.  लेकिन अब जेएलकेएम भी चुनावी मैदान में है. 2024 के विधानसभा चुनाव में भी जेएलकेएम ने उम्मीदवार दिया था . जेएलकेएम ने रामदास मुर्मू को अपना उम्मीदवार बनाया था, जिन्हें 8 092 वोट मिले थे. भाजपा उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन को 75,910 मत प्राप्त हुए थे. जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा के रामदास सोरेन को 98,356 मत प्राप्त हुए थे.

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 

Tags:DhanbadGhatshilaBy electionJLKMCandidates

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