☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

2017 के "मोमेंटम झारखंड" का जिन्न एकबार फिर आया बोतल से बाहर, पढ़िए क्या है वजह 

2017 के "मोमेंटम झारखंड" का जिन्न एकबार फिर आया बोतल से बाहर, पढ़िए क्या है वजह 

धनबाद(DHANBAD): मोमेंटम झारखंड का जिन्न  एक बार फिर बाहर आया है.  इस बार यह मामला इसलिए चर्चे में  है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोमेंटम झारखंड आयोजित करने वाली कंपनी की सेवा अवधि विस्तार नहीं देते हुए इसकी सेवा खत्म कर दी है. मोमेंटम झारखंड का आयोजन वर्ष 2017 में हुआ था.  आरोप लगे थे  कि इसमें जिन  कंपनियों के साथ करार हुआ था, उनमे से कई का  गठन आयोजन से कुछ माह पहले हुआ.  मोमेंटम झारखंड में कुल 238 एमओयू हुए थे, इनमें से 13 एमओयू विदेशी कंपनियों, 74 एमओयू झारखंड की कंपनियों और शेष एमओयू अन्य राज्यों की कंपनियों से हुए थे.  अब  मोमेंटम झारखंड आयोजित करने वाली कंपनी की सेवा  समाप्त कर दी गई है. 

31 मई कंपनी के काम का  अंतिम दिन था

2023 का 31 मई कंपनी के काम का  अंतिम दिन था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कंपनी को अवधि विस्तार नहीं दिया है.  2015 में झारखंड में निवेशकों को लाने और नीतियों को निवेश के  अनुकूल बनाने के लिए रघुवर सरकार ने अर्नेस्ट एंड यंग कंपनी  को सरकार का नॉलेज पार्टनर बनाया था.  इस दौरान कंपनी ने उद्योग नीति से लेकर टेक्सटाइल पॉलिसी  सहित अन्य पॉलिसी बनाने में सहयोग किया.  इतना ही नहीं, निवेशकों को झारखंड में लाने के लिए देश और विदेशों में रोड शो भी कंपनी ने आयोजित किये.  कंपनी को इसके एवज में प्रति माह 40 लाख  का भुगतान किया जाता था.  झारखंड में रघुवर दास की सरकार हटने के बाद मोमेंटम झारखंड को लेकर काफी विवाद हुआ.  आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले.  कई तरह की बातें कहीं गई.  पूछा गया था कि हाथी उड़ाने से झारखंड को क्या मिला. 

6 मार्च 2020 को हटी और फिर आई 

6 मार्च 2020 में हेमंत सोरेन की सरकार ने इस कंपनी को हटा दिया था.  साथ ही उद्योग विभाग से पूछा था कि कंपनी को सलाहकार के रूप में रखने से प्रदेश को क्या लाभ हुआ. इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को उद्योग विभाग दिया अथवा नहीं ,यह तो अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है.  लेकिन लगभग एक  वर्ष तक बाहर रहने के बाद फिर निविदा के जरिए फरवरी 2021 में कंपनी को उद्योग विभाग द्वारा इज  ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया.  यह  नियुक्ति 15 फरवरी से लेकर 14 फरवरी 22 तक के लिए की गई थी. शर्त थी कि इसके बदले में सरकार कंपनी को 40 लाख  हर महीने भुगतान करेगी.  कंपनी का मुख्य काम सुधार के लिए कानूनों में बदलाव के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करना था.  इसके बाद कंपनी को फरवरी 2023 तक विस्तार दिया गया.  इसके बाद  मई 2023 तक कंपनी को  विस्तार दिया गया.  उसके बाद मुख्यमंत्री ने इस कंपनी की सेवा समाप्त कर दी है. 

रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो

Published at:01 Jun 2023 01:21 PM (IST)
Tags:dhanbadmomentumjharkhandcompanyorder
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.