Tnp desk: झारखंड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने अपनी जांच जमशेदपुर पर केंद्रित कर दिया है. विक्रम शर्मा हत्याकांड में कातिलों को फंडिंग करने के आरोपी तक पुलिस पहुंच गई है.
सूत्रों के अनुसार शूटर को फंडिंग जमशेदपुर के बागबेड़ा से की गई थी. सूत्रों के अनुसार कातिलों को जिस यूपीआई नंबर से रुपए भेजे गए थे,पुलिस उस तक पहुंच अरेस्ट कर लिया है.. सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि शूटर को भागने की गाड़ी का इंतजाम भी जमशेदपुर में ही बैठकर की गई थी.
पुलिस ने इस संबंध में एक को अरेस्ट कर लिया है और मोबाइल भी जब्त कर लिया है. जानकारी के अनुसार गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उससे बागबेड़ा थाना में पूछताछ की. इसके बाद शुक्रवार को उसको कोर्ट में पेश किया गया. जहां से ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून पुलिस अपने साथ ले गई है. अब पुलिस इस मामले में एक और को तलाश रही है.
बता दे कि 13 फरवरी को देहरादून में झारखंड के हिस्ट्री शीटर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर कर दी गई थी. हत्या करने के बाद हत्यारे 100, 200 मीटर तक पैदल ही भागे और उसके बाद साथी के मोटरसाइकिल से फरार हो गए. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों को चिन्हित किया.
सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि वह लोग हरिद्वार से देहरादून पहुंचे थे और उसके बाद घटना को अंजाम दिया. विक्रम शर्मा रोज की भांति 13 फरवरी को भी जिम गया था. उसे नहीं मालूम था कि उसके पीछे अपराधी लगे हुए हैं. जिम से जैसे ही वह बाहर निकाला तो टोह में लगे अपराधियों ने उस पर फायर झोंक दी.
घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई थी. इस घटना के बाद झारखंड से लेकर उत्तराखंड तक सनसनी फैल गई. देहरादून पुलिस झारखंड पुलिस के संपर्क में थी. अब पुलिस को एक कड़ी मिल गई है. अब आगे पुलिस इन कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है. पुलिस को अब क्या सुराग मिलते हैं, इस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा. यह बात तो तय है कि देहरादून पुलिस अब अपनी जांच का बिंदु झारखंड के गैंगस्टरों पर टिका दिया है. देखना है इस मामले में क्या आगे खुलासे होते हैं. विक्रम शर्मा को दुमका जेल में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह का गुरु माना जाता था. कहा जाता था कि विक्रम सिंह की बुद्धि और अखिलेश सिंह की ताकत काम करती थी.
