धनबाद(DHANBAD) | झारखंड क"हिस्ट्रीशीटर" विक्रम शर्मा हत्याकांड में देहरादून पुलिस ने आठ किरदारों को चिन्हित किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन किरदारों में फाइनेंसर से लेकर शूटर तक और शूटर को शेल्टर देने वाले के अलावा घटना के बाद भागने के लिए वाहन उपलब्ध कराने वाले लोग शामिल है. जानकारी के अनुसार पहला नाम मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर का आया है, जो छात्र बताया गया है. वह दिल्ली में शूटरों को शेल्टर दिया था और हरिद्वार से भागने के लिए गाड़ी उपलब्ध कराई थी. दूसरा नाम आया है राजकुमार का, जो जमशेदपुर के यशराज के पिता है. इनके यूपीआई अकाउंट से पैसा भेजा गया था. तीसरा नाम आशुतोष सिंह का सामने आया है.
आशुतोष सिंह को ही मुख्य शूटर बताया गया है
आशुतोष सिंह को ही मुख्य शूटर बताया गया है. आशुतोष सिंह ने ही विशाल के साथ मिलकर विक्रम शर्मा पर फायरिंग की थी. चौथा नाम है विशाल सिंह का, जो आशुतोष सिंह का सहयोगी है. पांचवा नाम आया है अंकित वर्मा का. अंकित वर्मा ने ही रेकी कर पूरी सूचना दी थी. छठा नाम है यशराज का है. यह रेलवे में फूड सप्लायर है. आरोप है कि विक्रम शर्मा उसे परेशान कर रहा था और कॉन्ट्रैक्ट को अपने हाथ में लेने की कोशिश कर रहा था. सातवां नाम आया है आकाश कुमार प्रसाद का. इस पर आरोप है कि हरिद्वार में बाइक और स्कूटी भाड़े पर लेने में मदद की थी. आठवां नाम आया है जितेंद्र कुमार साहू का. इसी की बाइक का उपयोग शूटरों ने किया था. हालांकि हत्या के कारणों को लेकर पुलिस अभी भी कई कोणों से जांच कर रही है.
पुलिस ने दो आरोपियों को किया है गिरफ्तार
बताया जाता है कि विक्रम शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जिन्हें अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया गया है. राजकुमार को तो झारखंड से अरेस्ट किया गया है. सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने कई महीने पहले से ही विक्रम शर्मा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. पहले तो जमशेदपुर अथवा नोएडा में विक्रम शर्मा की हत्या करने की योजना बनी थी. लेकिन विक्रम शर्मा के साथ अधिक लोग होने की वजह से अपराधी घटना को अंजाम नहीं दे सके. जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनमें राजकुमार और अक्षत ठाकुर शामिल है. बाकी 6 की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है.
13 फ़रवरी को देहरादून में क्या हुआ था
उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी को देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जब देहरादून पुलिस विक्रम शर्मा के संबंध में जानकारी जुटाने लगी ,तो पता चला कि वह आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ था और झारखंड का हिस्ट्रीशीटर था. इसके बाद देहरादून पुलिस झारखंड पुलिस से संपर्क किया और इनपुट मिलने के बाद जांच की कार्रवाई तेज की गई. बता दे कि 19 फरवरी को राजकुमार को जमशेदपुर में उसके घर से गिरफ्तार किया गया. राजकुमार से प्रारंभिक पूछताछ में स्कॉर्पियो वाहन के मालिक का पता चला. यशराज राजकुमार का बेटा है. स्कॉर्पियो को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से बरामद किया गया है.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
