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सवाल: धनबाद जेल से चलता है गैंग लेकिन छापेमारी में कुछ नहीं मिलता जबकि बाल सुधार गृह से मिलते रहे हैं मोबाइल,चाकू 

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 12:10:06 AM

धनबाद(DHANBAD): हाल फिलहाल के एक्शन  से यह साबित हो चला है कि धनबाद जेल से अपराधियों का गैंग संचालित होता है ,लेकिन जब छापेमारी होती है,तो कुछ नहीं मिलता. कई बार पुलिस ने ही यह खुलासा किया है कि धनबाद जेल से ही अपराधी बाहर अपने गुर्गों को निर्देश देते हैं और उसके बाद उनके लोग बाहर अपराध की घटनाओं को अंजाम देते हैं. अब तक पुलिस ने धनबाद जेल से 7 कुख्यात अपराधियों को अलग-अलग दूसरे जेल में शिफ्ट कराया है. यह अलग बात है कि शूटर अमन सिंह घाघीडीह जेल से धनबाद जेल आ  गया है. उसे फिलहाल अलग सेल में रखा गया है.उसपर कड़ी निगरानी है.

छापेमारी में बाल बंदियों के पास कई आपत्तिजनक सामान बरामद 

धनबाद जेल में जब-जब छापेमारी होती है, टीम को खैनी गुटखा के अलावा कुछ नहीं मिलता. लेकिन मंगलवार को भुदा स्थित बाल संप्रेषण गृह में हुई छापेमारी में बाल बंदियों के पास से 8 मोबाइल, चार्जर, चाकू लाइटर, बिजली के तार, खैनी गुटखा आदि बरामद हुए हैं. मंगलवार की सुबह नोडल पदाधिकारी कर्नल जेके सिंह के नेतृत्व में बाल संप्रेषण गृह के ऑब्जर्वेशन और स्पेशल होम में छापेमारी की गई. छापेमारी के दौरान ऑब्जरवेशन और स्पेशल होम से मोबाइल सहित अन्य सामान मिले. बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा सैप दो बटालियन के पूर्व सैनिकों के द्वारा की जाती है. इसके अलावा आंतरिक सुरक्षा कर्मी भी हैं. कर्नल जेके सिंह ने संदेह व्यक्त किया है कि मोबाइल आदि सामान संप्रेषण की बाउंड्री के बाहर से अंदर फेंक कर पहुंचाया गया है. मोबाइल सहित अन्य सामान अंदर कैसे पहुंचाए गए, इसकी जांच हो रही है.

पिछले 3 सालों में लगभग 30 मोबाइल की बरामदगी

एक आंकड़े के मुताबिक पिछले 3 सालों में लगभग 30 मोबाइल की यहां से बरामदगी हुई है. वहीं, अगर धनबाद मंडल कारा में छापेमारी की बात की जाए तो पिछले एक दो सालों में कुछ भी बरामद नहीं हुआ है. जबकि  खुलासा होता रहा है गैंग के लोगों को  जेल से निर्देश प्राप्त होता है और उसी के आधार पर  फायरिंग आदि घटनाओं को अंजाम देते हैं. किससे कितना पैसा लेना है, किसको कब और कैसे धमकाना है, इसका भी डायरेक्शन मिलता है. तो आखिर जेल में कैसा नेटवर्क काम करता है कि वहां छापेमारी होने से कुछ भी नहीं मिलता. हाल फिलहाल में धनबाद जेल के एक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई है. इसका मतलब तो यही निकलता है कि जेल में छापेमारी की सूचना लीक हो जाती होगी. और आपत्तिजनक सामान हटा दिए जाते होंगे.

रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो 

Tags:jharkhanddhanbaddhanbad jailraid in dhanbad jaildhanbad police

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