रांची (RANCHI): रिम्स रांची से जुड़ी लगभग 7 एकड़ अधिग्रहित जमीन की फर्जीवाड़े के मामले में बड़ी खबर सामने आई है. आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इस केस में नामजद राजकिशोर बड़ाइक और कार्तिक बड़ाइक ने रांची एसीबी कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है. दोनों आरोपियों की याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं. यह मामला सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निजी संपत्ति बताकर बेचने से जुड़ा हुआ है.
हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले महीने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इनमें राजकिशोर बड़ाइक, कार्तिक बड़ाइक, चेतन कुमार और राजेश कुमार झा शामिल हैं. जांच में सामने आया है कि 1964-65 में अधिग्रहित जमीन को फर्जी वंशावली और दस्तावेजों के सहारे अवैध रूप से बेचा गया. इस पूरे घोटाले में करीब 16 सरकारी अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं, जिनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है.
एसीबी की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर जमीन को बिल्डरों को लगभग 31 लाख रुपये में बेच दिया था. इस मामले में एसीबी ने कांड संख्या 1/2026 दर्ज किया है और आगे की जांच तेजी से जारी है. अब अदालत में जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे केस की दिशा तय हो सकती है.