धनबाद(DHANBAD): जिला रेल मंडल के प्रधानखंता स्टेशन के पास मंगलवार की रात मिट्टी धंसने से 4 मजदूर की मौत हो गई. आपको बता दें कि रेलवे ट्रैक के नीचे अंडरपास निर्माण का काम चल रहा था. रेल लाइन से एक मालगाड़ी गुजरी और उसके कंपन से मिट्टी धंस गई. इस घटना में 4 मजदूर दब गए जबकि एक मजदूर बचने में कामयाब रहा. यह घटना मंगलवार की रात 9:00 बजे के आसपास की है.
रात में ठेका कंपनी काम क्यों करवा रही थी और सुरक्षा के क्या उपाय किए गए थे, इसको लेकर सवाल खड़े किए जा रहे है. सभी मृतक बगल के छाताकुल्ही गांव के हैं. घटना की खबर मिलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई. सुचना पाकर डीआरएम आशीष बंसल, आरपीएफ, जीआरपी के बड़े -बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों के आगे उनकी एक नहीं चली. ग्रामीण उन्हें निरीक्षण करने से रोक दिया. परिजन व ग्रामीण मृतक के आश्रितों को मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े रहे. 4 या 5 घंटे के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद अधिकारियों ने निरीक्षण किया. सुबह दस बजे तक राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं किया जा सका है.
जानकारी के अनुसार काफी जद्दोजहद के बाद ग्रामीणों के साथ समझौता हुआ. उस समझौते पत्र के मुताबिक दबकर मरने वालों में निरंजन महतो, सौरव धीवर, पप्पु कुमार महतो, विक्रम महतो शामिल है, जो मजदूर घायल हुआ है उसका नाम छुटनाथ कुमार महतो बताया गया है. यह सभी ग्राम छाताकुल्ही के निवासी है. समझौता के अनुसार ठेका कंपनी सुसंगत वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट के तहत परिजनों को जो भी देय राशि होगी, उसका भुगतान करेगी. संवेदक अगर ऐसा नहीं करता है तो संवेदक की सिक्योरिटी राशि से कटौती कर मृतक परिवार के परिजनों को राशि प्रदान की जाएगी. कम से कम 20 लाख की राशि परिजनों को देने की बात तय हुई है. इसके अलावा परिजनों के शैक्षणिक योग्यता के अनुसार उन्हें ठेका कंपनी नौकरी देगी. इस समझौते के बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म किया, जिसके बाद बुधवार की सुबह 5:15 बजे रेलवे लाइन चालू कर दी गई. इसके पहले ट्रेनें जहां-तहां खड़ी थी. ग्रामीण पप्पू महतो के अनुसार सभी लोग छाताकोल्ही गांव के रहने वाले थे.
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आक्रोशित लोग नियोजन और मुआवजा की मांग कर रहे हैं. ग्रामीण संजय महतो का कहना है कि उन्हें 9:00 बजे पता चला की मिट्टी धंसने से काम कर रहे उनके चाचा भी दब गए है. उसके बाद वह भागे -भागे घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने सवाल किया कि रात में आखिर यह काम क्यों कराया जा रहा था. ग्रामीण अमित कुमार महतो का कहना है कि रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी के गुजरने से कंपन हुआ और उसके बाद मिट्टी धंस गई, जिसमें 4 लोग मारे गए और एक की जान बची. वहीं, धनबाद रेल मंडल केकेए डीआरएम ने कहा कि प्रधानखंता में एलएचएस निर्माण का काम चल रहा था और मिट्टी धंसने से यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. जांच कमेटी दुर्घटना के असली कारणों का पता लगाएगी, पहली प्राथमिकता तो है कि ग्रामीणों को समझा-बुझाकर रेल लाइन चालू किया जाए.
रिपोर्ट: प्रकाश, धनबाद
