रांची(RANCHI): पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में आधारभूत संरक्षण के निर्माण में गड़बड़ी की अक्सर शिकायत मिलती रही है. गड़बड़ी के कारण कई नागरिक सुविधा से जुड़ी संरचनाएं अधूरी रह जाती हैं या फिर जल्द ही बर्बाद हो जाती है. यह बात अभी इसलिए चर्चा में आ रही है कि एक इंजीनियर ने रुक्का डैम से जुड़ी ड्रॉइंग में कथित गलती पर मुहर लगा दी थी. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पूर्व अभियंता प्रमुख श्वेताभ कुमार इस मामले में दोषी पाए गए हैं. रुक्का डैम के राइजिंग मेन की स्वीकृति उन्होंने गलत तरीके से दी थी. इस कारण 1 साल के अंदर ही दीवार गिर गई. तकनीकी रूप से दीवार का निर्माण ही गलत तरीके से हुआ था. इसका जो मैच था वह त्रुटिपूर्ण था. जांच में पूर्व अभियंता प्रमुख श्वेताभ कुमार को दोषी माना गया और उन्हें सजा भी मिली है. उन्हें पेंशन की राशि में से 2 वर्षों तक 10 फ़ीसदी राशि काटने का विभाग ने निर्देश दिया है. इस पर सरकार की सहमति प्राप्त हो गई है.
PHED के किस पूर्व चीफ इंजीनियर को मिला दंड, जानिए

Published at:15 Sep 2022 01:49 PM (IST)
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