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सारंडा के वन संपदा पर अब तीसरी आंख से होगी निगहबानी, वन कर्मियों को मिला ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण

BY -
Shreya Gupta
Shreya Gupta
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 13, 2026, 12:51:24 AM


चाईबासा (CHAIBASA): आज के जीवन में स्मार्ट वर्क का खास महत्व है. सुरक्षा की बात करें अब हर जगह ड्रोन कैमरे का ज्यादातर इस्तेमाल किया जा रहा है. फिर चाहे वो विद्यालय हो, अस्पताल, दफ्तर, कोई सरकारी कार्यालय या वन की रक्षा करना हो. ऐसे में वनपाल प्रशिक्षण विद्यालय, चाईबासा में उप परिसर पदाधिकारी और वनकर्मियों को जीआईएस, जीपीएस की साथ ड्रोन कैमरे से वनों की सुरक्षा पर कैसे नजर बनाएं रखने की प्रशिक्षण दी गई. जिसमें सारंडा और पोड़ाहाट के कुल 75 लोगों ने प्रशिक्षण लिया.  अंजर अनीश,कनिष्ठ परियोजना फेलो, वन उत्पादकता संस्थान, रांची ने यह प्रशिक्षण दिया.

तकनीक की भी जरूरत

उन्होनें मौके पर बताया कि वर्तमान समय में जियोइंर्फोमेटिक्स की सहायता से वनों पर नजर रखनी आसान हो जाती है. कैम्पा योजना की सभी कार्यों की विवरणी ई ग्रीन वॉच पोर्टल पर अपलोड करने और जीपीएस की सहायता से पॉलिगन बनाने की प्रशिक्षण दी गई है.वनों में  दुर्गम स्थान में निगरानी रखने के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा सकती है. आने वाले दिनों में ड्रोन तकनीक लाइफ के हर पहलू में कारगर साबित होने वाली है. जंगल में गश्त के साथ तकनीक की भी अब जरूरत महसूस होने लगी है.  लिहाजा तकनीक के साथ आगे बढऩा होगा. तकनीक की जानकारी वनकर्मियों को होना जरूरी है.

मिनी ड्रोन कैमरे का उपयोग
प्रशिक्षण के दौरान उनको ड्रोन के पार्ट्स, सेटिंग, चलाने और ड्रोन के वन्य जीवन में उपयोग जैसे  मानव वन्य जीव संघर्ष की निगरानी ,  वन अग्नि,  अवैध पातन,अवैध शिकार , अवैध अतिक्रमण,जंगलों में तस्करी और अवैध खनन  आदि में ड्रोन की मदद से आसानी से वन संपदा को बचाया जा सकता है. ड्रोन की मदद से वन्य जीव संघर्ष रोकने में काफी हद तक वन विभाग को सफलता मिलेगी. प्रशिक्षण के लिए मिनी ड्रोन कैमरे का उपयोग किया गया था.इस प्रशिक्षण में पोड़ाहाट वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री नितीश कुमार, संलग्न पदाधिकारी सारंडा श्री प्रजेश कांता जेना एवं सहायक वन संरक्षक श्री निरंजन कुमार, प्रभारी वनपाल श्री आदित्य कुमार व अलग अलग वन प्रक्षेत्र से आए कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहे.

रिपोर्ट:    संतोष वर्मा, चाईबासा

Tags:News

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