✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. News Update

हार का भय या जीते के फासले को बढ़ाने का जुनून, अगने तीन दिनों तक सीएम हेमंत का डुमरी के जंगे मैदान में जमे रहने का क्या है मजमून

BY -
Devendra Kumar CW
Devendra Kumar CW
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 7:08:31 AM

Ranchi- डुमरी के जंगे मैदान में इंडिया गठबंधन और एनडीए की ओर से राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है. एनडीए की ओर से झारखंड की राजनीति में पिछड़ों का सबसे बड़ा चेहरा माने जाने वाले आजूस सुप्रीमो सुदेश महतो कमान संभाल चुके हैं. तो दूसरी इंडिया गंठबधन की ओर से सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन के द्वारा वहां लगातार तीन दिनों कैम्प करने की खबर है. साफ है कि डुमरी की यह लड़ाई अब भाजपा झामुमो से आगे निकल सुदेश महतो और हेमंत सोरेने की बीच आ खड़ी हुई है.

ध्यान रहे कि रामगढ़ विधान सभा की तरह ही डुमरी भी महतो बहुल क्षेत्र है, और सुदेश महतो की पूरी राजनीति इसी महतो मतदाताओं पर टिकी हुई है, जिस प्रकार तमाम दावों को झूठलाते हुए आजसू ने रामगढ़ के मैदान में झामुमो- कांग्रेस को पटकनी दी है, उसके साफ है कि महतो मतदाताओं पर आजसू की पकड़ से इंकार करना किसी भी राजनीतिक दल के घातक हो सकता है, और हेंमत सोरेन रामगढ़ में इसका नतीजा भुगत चुके हैं. तब भी वहां सहानुभूति वोट के दावे किये जा रहे थें, ममता देवी जो वहां की निर्वतमान विधायक और कांग्रेस प्रत्याशी बजरंग महतो की पत्नी थी, हजारीबाग जेल से रामगढ़ के मतदाताओं के नाम खत लिख रही थी, रामगढ़ की जनता के लिए किये गये अपने संघर्ष और त्याग की कहानी सुना रही थी, और यह दांव खेल रही थी कि किस प्रकार उन्हे रामगढ़ की जनता के लिए अपना अबोध बच्चे को अकेला छोड़कर कालकोठरी में आना पड़ा. लेकिन नतीजा क्या आया? कांग्रेस के तमाम प्रयासों और आपसी एकजूटता के तमाम दावों के बीच झामुमो गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा.

अति आत्मविश्वास के उबरने की कोशिश या रामगढ़ से सबक

तब क्या यह माना जाय कि रामगढ़ उपचुनाव से सबक लेते हुए हेमंत सोरेन कोई भी रिस्क लेने को तैयार नहीं है. क्या सुदेश महतो की बढ़ती सक्रियता से उन्हे हार का भय सताने लगा है. एक बारगी ऐसा नहीं कहा जा सकता, हार का भय नहीं, तो कम से कम अति आत्मविश्वास के उपर उठने की कोशिश मानी जा सकती है. क्यों यही आत्म विश्वास रामगढ़ में ले डूबा था, और हेमंत सोरेन रामगढ़ की वह भूल को अब दुहराने को तैयार नहीं है.

जीत के फासले को चौड़ा करने की कवायद

हालांकि उनके समर्थकों का कहना है कि सीएम हेमंत का यह तीन दिनों का कैम्प संभावित हार को टालने की कोशिश नहीं है, इसके उलट जीत के फासले को चौड़ा करने की कवायद है. बहुत संभव है कि ऐसा ही हो, क्योंकि इतना तो स्वीकार करना ही होगा कि यदि सुदेश महतो झारखंड की राजनीति पिछड़ों के सबसे बड़ा चेहरा हैं, तो डुमरी विधान सभा झारखंड के टाईगर का मांद है और टाईगर को उसके ही मांद में छेड़ने का एक अपना अलग जोखिम होता है. टाईगर जगरनाथ की आकस्मिक मौत के बाद निश्चित रुप से एक लहर है, और लेकिन यह लहर झामुमो के पक्ष में नहीं होकर टाईगर के साथ है. अब देखना होगा कि सुदेश महतो इस लहर को कितनी चुनौती दे पाते हैं.

एनडीए नहीं इंडिया की हार से भाजपा को लगेगा सदमा

लेकिन इतना साफ है कि यदि डुमरी उपचुनाव के नतीजे अप्रत्याशित आते हैं, और इंडिया गठबंधन को हार का सामना करना पड़ता है, तो इसका सबसे बड़ा सदमा भाजपा को लगेगा, क्योंकि जीत जीत दर हासिल कर सुदेश महतो भाजपा की आंखों में आंख डाल कर अपनी शर्तों पर डील करने की स्थिति में खड़े हो जायेंगें. और भाजपा के लिए यह एक शर्मनाक स्थिति होगी.

Tags:Fear of defeat or passion to increase the winning marginwhat is the reason for CM Hemant to stay in Dumri's battlefield for the next three daysSUDESH MAHATOAJSU PARTY JHARKHANDDUMRI ELECTIONCM HEMANT SORENआजूस सुप्रीमो सुदेश महतोइंडिया गठबंधनएनडीएTRENDING NEWS

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.