हजारीबाग(HAZARIBAGH):सुरक्षा बल के जवान और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में ढ़ेर हुई महिला नक्सली का शव दो दिनों से अस्पताल के मुर्दा घर में पड़ा है. उसके शव को लेने परिवार का कोई सदस्य अस्पताल नहीं पहुँचा. सूचना है कि परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया. बता दे कि 17 अप्रैल को बुंडू नगड़ुवा कोचा जंगल में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ हुई थी. जिसमें 15 लाख के इनामी सहदेव महतो के साथ चार नक्सली मारे गए थे.
तीन नक्सलियों का शव परिजनों को सौपा गया
मारे गए नक्सलियों में केरेडारी निवासी सहदेव महतो उर्फ अनुज, चतरा जिले के टंडवा निवासी बुधन करमाली और लावालौंग के रणजीत गंझू शामिल हैं. इन तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया गया. वहीं, सहदेव महतो की पत्नी नताशा का शव अब भी हजारीबाग मर्चरी में रखा गया है, क्योंकि परिजन उसे लेने से इनकार कर रहे हैं.
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री भी बरामद की है. इनमें दो एके-47 राइफल, एक कोल्ट एआर-15 राइफल, एक इंसास राइफल और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं.
इस ऑपरेशन को 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया था. अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से इलाके में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी और नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगेगी. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है.