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पाकुड़ में फर्जी माइनिंग साम्राज्य ! चालान नकली, खेल असली, अधिकारी खामोश माइनिंग सिंडिकेट का खुलासा

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 18, 2026, 9:03:25 AM

पाकुड़(PAKUR): पाकुड़ जिला प्रशासन और खनन टास्क फोर्स की तमाम कार्रवाई के बावजूद पाकुड़ में फर्जी माइनिंग चालान के जरिए पत्थरों की अवैध ढुलाई का संगठित और सुनियोजित खेल खुलेआम जारी है. यह कोई छोटी-मोटी तस्करी नहीं, बल्कि एक पूरे सिंडिकेट का ऑपरेशन है जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है.

पढ़ें कौन कर रहा है संचालन

जानकारी के मुताबिक पाकुड़ प्रखंड के जानकीनगर निवासी अरशद शेख, महबूब आलम और मकबूल शेख इस फर्जी माइनिंग गिरोह के मुख्य संचालक है. इनके जरिए बनाए गए फर्जी चालान से पत्थर से लदे वाहन कई खनन चेकपोस्ट पार कर पश्चिम बंगाल तक बेरोक-टोक पहुंच रहे है. हैरानी की बात यह है कि जिन चालानों को वैध मानकर वाहनों को पास कराया जा रहा है, उनकी कोई एंट्री सरकारी GEMS पोर्टल पर नहीं होती.

पकड़ा गया फर्जीवाड़ा, तब सामने आया सिंडिकेट का सच

हाल ही में खान निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह ने प्यादापुर चेकपोस्ट पर एक संदिग्ध वाहन (WB-45-4083) की जांच की.चालक ने नारायण सिंह स्टोन वर्क्स के नाम से खनन चालान प्रस्तुत किया, लेकिन जब इसे GEMS पोर्टल पर वेरिफाई किया गया, तो वह पूरी तरह फर्जी निकला. बाद में पता चला कि संबंधित स्टोन वर्क्स नामक कोई फर्म पोर्टल पर निबंधित ही नहीं है.

अधिकारियों तक की संलिप्तता के संकेत

इस मामले में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तीनों आरोपियों समेत वाहन चालक और मालिक के खिलाफ नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. (कांड संख्या 175/2025)। लेकिन सवाल उठता है कि अगर चालान फर्जी था, तो चेकपोस्टों पर तैनात अधिकारी आंख मूंदे क्यों बैठे थे ? सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगालने पर कई रसूखदार चेहरों की पोल खुल सकती है.

पहले दबे थे माफिया, अब बेखौफ है

याद रहे, कुछ माह पूर्व उपायुक्त मनीष कुमार और तत्कालीन एसपी प्रभात कुमार ने संयुक्त कार्रवाई कर रथ मेला मैदान, अंबेडकर चौक, मालपहाड़ी रोड व अन्य इलाकों में अवैध ढुलाई रोकने के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी.कार्रवाई के बाद माफिया भूमिगत हो गए थे. लेकिन प्रभात कुमार के स्थानांतरण के साथ ही अवैध कारोबार फिर से उफान पर है और अब तो माफिया खुलेआम अफसरों से मेल-मुलाक़ात कर अपनी पहुंच का प्रदर्शन भी कर रहे है.

सिर्फ पाकुड़ नहीं, चेकपोस्ट दर चेकपोस्ट यह खेल फैला

इस अवैध खेल की पहुंच सिर्फ पाकुड़ तक नहीं है. हिरणपुर और चौड़ामोड़ चेकपोस्ट भी इस फर्जीवाड़े का हिस्सा बन चुके हैं, जहां से रोजाना दर्जनों गाड़ियां फर्जी चालान के सहारे गुजर रही है.

रिपोर्ट-नंदकिशोर मंडल

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