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दुमका में झाड़ियों में मिली एक्सपायरी दवाइयां, जांच में जुटा विभाग

BY -
Samiksha Singh
Samiksha Singh
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 15, 2026, 9:10:30 AM

दुमका(DUMKA): दुमका जिला में स्वास्थ्य विभाग के कारनामे समय समय पर सुर्खियां बटोरता है.  एक बार फिर विभाग सुर्खियों में है. इस बार जिला के मसलिया प्रखंड में जीवन रक्षक एक्सपायरी दवाओं की बड़ी खेप झाड़ियों में फेंका हुआ मिला. स्थानीय लोगों की सूचना पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मौके पर पहुचे और दवाइयों को अपने कब्जे में लेकर पूरे मामले की जांच में जुट गए है. दावा किस स्वास्थ्य उप केंद्र को आवंटित हुआ था और किसने फेंका यह जांच के बाद ही पता चलेगा. 

विभागीय लापरवाही के कारण दवाई हो रही एक्सपायर

दरअसल सरकार द्वारा लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय से लेकर सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र तक स्वास्थ्य केंद्र और उपकेंद्र खोला गया है. आस पास के लोग बीमार पड़ने पर स्वास्थ्य केंद्र पहुँचते हैं. डॉक्टर द्वारा उन्हें उचित चिकित्सीय परामर्श के साथ दवाई निःशुल्क दी जाती है. सरकार का मकसद बस एक ही होता है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले. लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण दवाई वितरण करने के बजाय रखे रखे एक्सपायर कर जाता है और एक्सपायरी के बाद अपनी नाकामी छिपाने के लिए उसे झाड़ियों में फेंक दिया जाता है. कहीं ऐसा तो नहीं कि कागज पर वितरण दिखाया गया है. जिले के लिए यह कोई पहला मामला नहीं है.

एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की बनाई गई है प्रक्रिया

राज्य स्तर से जिला स्तर पर और जिला से विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों तक दवाई पहुंचा दिया जाता है लेकिन जिले में कई ऐसे केंद्र और उपकेंद्र है जहां डॉक्टर नहीं है. एएनएम के सहारे केंद्रों का संचालन होता है. कई केंद्र ऐसे भी है जो यदा कदा ही खुलता है. ऐसी स्थिति में वितरण के लिए रखी दवाई एक्सपायर कर जाती है. स्वास्थ्य विभाग भी यह मानती है कि कुछ दवाइयां एक्सपायर कर सकती है. तभी तो एक्सपायरी दवाओं के निस्तारण की प्रक्रिया बनाई गई है. प्रक्रिया के तहत एक्सपायरी दवाओं की सूची बनाकर दवाई को लाल कपड़े में बांध कर जिला स्तर पर जमा की जाती है. तमाम कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक्सपायर दवा को नष्ट कर दिया जाता है।

सवाल उठता है कि जब इतने सारे प्रावधान है तो फिर एक्सपायरी दवाओं को झाड़ियों में क्यों फेंका गया. विभाग के कौन से अधिकारी या कर्मी अपनी नाकामी छिपाने के लिए झाड़ियों का सहारा लिया, विभाग द्वारा वैसे लापरवाह लोगों पर क्या कार्यवाई होती है, इन तमाम सवालों का जबाब विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. 

 रिपोर्ट: पंचम झा 

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