गुमला(GUMLA):झारखंड राज्य गठन के 23 साल हो चुके है, लेकिन आज भी इस राज्य के गुमला जिला में सही रूप से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास नहीं हो पाया है. जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.कई इलाकों में तो सही रूप से सड़क बिजली पानी की भी व्यावस्था नहीं हो पायी है.आज केंद्र और राज्य सरकार विकास को लेकर लंबी चौड़ी दावे करते नहीं थकती है, लेकिन आज भी कई इलाके ऐसे है जहां विकास तो दूर की बात है आज तक मूलभूत सुविधा भी नहीं पहुच पाई है.
सही रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य व्यावस्था नहीं है
आपको बता दें कि यह स्तिथि किसी एक इलाके की नहीं है,बात करे आदिवासी बहुल गुमला जिला की., तो इसके विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार अरबो रुपया खर्च करती है, लेकिन परिस्थिति जमीनी स्तर की काफी खराब है.कई इलाके ऐसे हैं जहां सही रूप से बिजली पानी और सड़क तो छोड़ दीजिए,सही रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यावस्था नहीं है,जबकि सरकार लगातार विकास का दावा करती है.स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि झारखंड बने 23 साल हो गया, लेकिन आज तक कुछ विकास तो छोड़ दीजिए जिन लोगो ने झारखड अलग राज्य बनाया उन्हें भी सम्मान नहीं मिला.
केंद्र सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी कई इलाकों का नहीं हुआ विकास
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशिक अंसारी ने कहा कि सही हाथों में सत्ता शुरुआती दौर में ही नहीं मिला जिसके कारण आज इसके साथ बने अन्य राज्य विकास में काफी दूर चले गए जबकि झारखंड आज भी बदहाल है,जबकि यहां खनिज संपदा का भरमार पड़ा है.वहीं जिला के डीसी कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि उनका प्रयास है कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहे है, उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न मदो से लगातार विकास पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, वह भी इस बात को स्वीकार कर रहे कि कई इलाकों में आज भी सही रूप से विकास नहीं पहुंच पाई है.
रिपोर्ट- सुशील कुमार
