धनबाद(DHANBAD) | धनबाद में "नगर की सरकार" का चेहरा बदल गया है. झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह मेयर चुने गए हैं. वैसे, धनबाद की आर्थिक सेहत बीसीसीएल की सेहत के साथ जुड़ी हुई है. बीसीसीएल की आर्थिक स्थिति जितनी मजबूत होगी, धनबाद उतना ही मजबूत होगा। ऐसे में बीसीसीएल और धनबाद नगर निगम के बीच समन्वय भी जरूरी है. वैसे भी, संजीव सिंह कोयला मजदूर यूनियन से भी जुड़े हुए हैं. कोयला मजदूरों पर उनकी यूनियन की पकड़ भी है. मैनेजमेंट को कोयला उत्पादन में भी संजीव सिंह सहयोग कर सकते हैं. इधर, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने शनिवार को धनबाद के नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह और उनकी विधायक पत्नी रागिनी सिंह से शिष्टाचार मुलाकात की.
यह मुलाकात सिंह मेन्शन में हुई ,विधायक भी थीं मौजूद ---
यह भेंट सिंह मेंशन में हुई. सिंह मेंशन में ही संजीव सिंह और रागिनी सिंह रहते हैं. मुलाकात में सीएमडी ने संजीव सिंह को बधाई दी और शुभकामनाएं दी. उन्होंने विधायक रागिनी सिंह से भी मुलाकात की. रागिनी सिंह भी मजदूर संगठन से जुड़ी हुई है, दोनों नेताओं के साथ सीएमडी की कोयला उद्योग, कोयला खनन की चुनौतियों पर चर्चा हुई. बीसीसीएल ने भी ट्वीट कर इसकी पुष्टि की है. ट्वीट में कहा गया है कि बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल नवनिर्वाचित मेयर संजीव सिंह के साथ शिष्टाचार मुलाकात की. सीएमडी ने झरिया विधायक श्रीमती रागिनी सिंह से भी मुलाकात की.
शिष्टाचार मुलाकात में कई मुद्दों पर हुई चर्चा ---
बैठक में धनबाद के विकास पर चर्चा हुई. दरअसल, कई योजनाएं हैं, जो बीसीसीएल और निगम के बीच अभी भी फंसी हुई हैं. जानकार बताते हैं कि एक तो सबसे बड़ी योजना pit वाटर को उपयोग में लाने की है. दरअसल, कोयला खदानों से बड़ी मात्रा में पानी निकलता है, यह पानी व्यर्थ में बह जाता है. पूर्व मेयर शेखर अग्रवाल के कार्यकाल में pit वाटर को उपयोग में लाने की योजना तैयार हुई थी, लेकिन यह योजना आगे नहीं बढ़ी , इसके अलावे भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए निगम को केंद्रीय अनुदान भी मिलता है. प्रदूषण धनबाद की सबसे बड़ी समस्या है अगर निगम और बीसीसीएल समन्वय बनाकर काम करें तो कई सुविधाएं लोगों को मिल सकती हैं.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो