पाकुड़ (PAKUR): जिले में निजी स्कूलों की मनमानी और साल-दर-साल बढ़ती बेतहाशा फीस के खिलाफ सोमवार को रामभक्त सेवा दल के जिला अध्यक्ष रतन भगत के नेतृत्व में शहर के पुराना सदर अस्पताल के सामने हस्ताक्षर अभियान चलाया गया. जन आंदोलन के बैनर तले निजी स्कूलों की लूट के खिलाफ बिगुल फूंका गया. मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोगों ने इस अभियान में भाग लेकर अपना हस्ताक्षर किया. रतन ने बताया कि हर वर्ष री-एडमिशन, किताबों के प्रकाशक बदलना, ड्रेस के लिए बाध्य करना और सालाना कई माध्यमों से पैसे वसूलना गलत है.
अभिभावकों ने अपनी नाराजगी दर्ज कराई
इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने न केवल अपनी नाराजगी दर्ज कराई, बल्कि सरकार से इस पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग भी की. अभियान में शामिल अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन न केवल ट्यूशन फीस में अवैध बढ़ोतरी कर रहे है, बल्कि किताबों और यूनिफॉर्म के नाम पर भी कमीशन का खेल चल रहा है. आंदोलन कर्मी सागर चौधरी ने कहा स्कूल अब विद्या के मंदिर नहीं, बल्कि व्यापार के केंद्र बन गए है.एक विशेष दुकान से ही सामान खरीदने का दबाव बनाना अभिभावकों की जेब पर डकैती डालने जैसा है.
हजारों लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया
दोपहर तक चले इस अभियान में हजारों लोगों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया.आयोजकों ने बताया कि इन हस्ताक्षरों को एक मांग पत्र के साथ जिला कलेक्टर और शिक्षा मंत्री को सौंपा जाएगा. यदि 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने स्कूलों की मनमानी पर रोक नहीं लगाई, तो यह आंदोलन उग्र रूप लेगा. मौके पर दर्जनों संगठनों के अधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे.
रिपोर्ट-विकास कुमार