☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. News Update

रक्षक एप्लीकेशन से ई-बीट पुलिसिंग की शुरुआत, जानिये इसके बाद कितनी बदलेगी झारखंड पुलिस की तस्वीर  

रक्षक एप्लीकेशन से ई-बीट पुलिसिंग की शुरुआत, जानिये इसके बाद कितनी बदलेगी झारखंड पुलिस की तस्वीर  

रांची(RANCHI): कानून व्यवस्था और पुलिस पेट्रोलिंग पर बारीक नजर रखने के लिए झारखंड पुलिस की ओर से एक अनोखी पहल सामने आयी है. पुलिस मुख्यालय के द्वारा एक रक्षक एप का डेवलप किया गया है, पुलिस मुख्यालय इस एप के माध्यम से झारखंड में ई-बीट पुलिसिंग की शुरुआत करने जा रही है, इसकी पहली शुरुआत सिमडेगा जिले से की गई है.

पुलिस मुख्यालय को मिलती रहेगी पल- पल की होगी जानकारी

रक्षक एप्लीकेशन की जानकारी देते हुए सिमडेगा एसपी सौरभ कुमार ने बताया इसके माध्यस से मुख्यालय के द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग पर नजर रखी जाएगी. जिले का हर डाटा एक क्लिक में पुलिस मुख्यालय के पास मौजूद रहेगा. किसी विशेष इलाके में पुलिस कितनी चौकस है, इसकी जानकारी मुख्यालय को पल-पल मिलती रहेगी. पुलिस मुख्यालय में बैठा अधिकार हर क्षण इसकी मॉनिटरिंग करेगा. क्यूआर कोड के माध्यम से संवदेनशील इलाकों की हर जानकारी पुलिस मुख्यालय के पास मौजूद रहेगी. 

क्यूआर कोड वाले स्थलों का पेट्रोलिंग करना अनिवार्य होगा

दावा है कि जहां-जहां क्यूआर कोड लगा रहेगा, पुलिस के उसका  पेट्रोलिंग करना अनिवार्य होगा, पेट्रोलिंग टीम उस स्थल पर पहुंच कर उस क्यूआर कोड स्कैन करेगी, इसके साथ ही मुख्यालय को इसकी जानकारी स्वत: मिल जायेगी. पुलिस मुख्यालय को इस बात की भी जानकारी मिल जायेगी कि उस इलाके में अब तक कितनी बार पुलिस पहुंची है, और कितनी देर रुकी है. आम जनता की मांग पर किसी विशेष इलाके में इलाके के बीट अधिकारी क्यूआर कोड लगायेंगे. 

कितनी बदलेगी झारखंड पुलिस 

दरअसल अब तक झारखंड पुलिस पर पेट्रोलिंग के नाम पर खानापूर्ति का आरोप लगता रहा है, किसी आपराधिक घटना के बाद उस इलाके में पेट्रोलिंग कुछ दिनों तक तेज रहता है, लेकिन कुछ ही दिनों के बाद यह पुरी कार्रवाई शिथिल हो जाती है, अब इस क्यूआर कोड के बाद पुलिस कर्मियों के लिए उस इलाके का दौरा करना अनिवार्य होगा, साथ ही कोई आपराधिक वारदात के बाद यह जानकारी मिल सकेगी कि घटना के पहले यहां पुलिस कब आयी थी, पुलिस की इस सक्रियता से आपराधियों में दहशत होगा.

रिपोर्ट: देवेन्द्र कुमार 

Published at:11 Feb 2023 04:52 PM (IST)
Tags:jharkhanddumkaE-beat policing started with Rakshak applicationJharkhand Police
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.