धनबाद: कोयलांचल में दुर्गा पूजा में भी बारिश का कहर जारी रहा. कही 45 लाख के पंडाल बने हैं, तो कहीं 40 लाख के, कहीं 30 लाख के तो ,कहीं 10 लाख के. एक अनुमान के अनुसार कोयलांचल में पंडालों पर पूजा आयोजन समिति ने लगभग 30 करोड रुपए खर्च किए हैं.
लेकिन बारिश ने पूजा समितियो के साथ-साथ श्रद्धालुओं के उत्साह पर भी पानी फेर दिया है. इस साल का दुर्गा पूजा कोयलांचल में कुछ खास थी. तैयारी जबरदस्त ढंग से की गई थी. महानवमी की सुबह मौसम तो साफ दिख रहा था, लेकिन देर शाम को तेज बारिश हुई.
इस बारिश का सीधा असर पूजा पंडालो पर पड़ा. श्रद्धालुओं के उत्साह पर भी पड़ा .दशमी के दिन भी सुबह से मौसम खराब है. कोयलांचल में बारिश हो रही है. नवमी की देर शाम बारिश ने लोगों को घरों में दुबके रहने को मजबूर कर दिया. साथ ही जो लोग थोड़ी हिम्मत कर मेला और देवी दर्शन को निकले थे, उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी. बारिश इतनी तेज थी कि अस्थाई ठिकानों पर भी उन्हें राहत नहीं मिली.
गुरुवार को दशमी के दिन भी बारिश राहत देगी, इसमें संदेह है. इस साल कोयलांचल में दुर्गा पूजा इसलिए भी विशेष थी कि धनबाद में संचालित कोल इंडिया की सबसे बड़ी इकाई भारत को किंग कोल लिमिटेड में सबसे अधिक बोनस आया है. बाजार में पैसे की बारिश हो रही थी. कोयलाकर्मियों को 2025 में रिकॉर्ड बोनस मिला है.
बाजार भी इसके लिए तैयारी कर रखा था. छोटे-छोटे दुकानदार ठेला, खोमचा लगाकर अधिक कमाई पूजा में करने की मंशा पाले लोगों को भारी निराशा हुई है. उनके तैयार माल बर्बाद हो गए.मेला का लुफ्त उठाने वाले उत्तक नहीं पहुंचे.गुरुवार को दशमी के दिन भी सुबह से लगातार बारिश हो रही है. इस वजह से श्रद्धालुओं के उत्साह पर भी पानी फिर गया है. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि पूजा आयोजक, श्रद्धालु या बाजार जिस ढंग से तैयारी किए थे. उस पर बारिश ने तो तुषारापात कर दिया है.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
