दुमका(DUMKA): दुमका के नए एसपी के रूप में पीताम्बर सिंह खैरबार ने शुक्रवार की रात योगदान दिया. योगदान के बाद इन्होंने जिले वासियों से लेकर आम लोगों तक अपना संदेश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपराधियों के लिए दुमका जिला वन वे हो गया है. अपराधी यहां आ तो सकते है लेकिन जा नहीं सकते. उन्होंने कहा कि अपराधी यह ना सोचे कि नए एसपी आए है तो अपराध कर बच जाएंगे. अपराधियों का जगह जेल होगा. साथ ही शांति प्रिय लोगों के लिए पुलिस मित्रवत कार्य करेगी.
नई जिम्मेदारी के साथ दुमका पहुंचे पीताम्बर सिंह
पीताम्बर सिंह खैरबार के लिए दुमका जिला नया नहीं है. डीएसपी के रूप में इन्होंने अपनी सेवा यहां दी है. प्रोन्नति के बाद एसपी के रूप में दुमका इनकी पोस्टिंग हुई है. डीएसपी के रूप में लोगों ने इनके कार्यकाल को देखा है. नई जिम्मेदारी के साथ जिला पहुंचे है. पद बढ़ा है तो लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ेगी. आम लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरना इनके लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं. लेकिन सबसे बड़ी चुनौती अपराधियों ने दी है. योगदान से लगभग 20 घंटे पहले अपराधियों ने बासुकीनाथ के नंदी चौक पर एक श्रद्धालु की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान जमशेदपुर के गैंगस्टर अमरनाथ सिंह के रूप में हुई. अमरनाथ भले ही गैंगस्टर रहा हो लेकिन बाबा के दर पर श्रद्धालु बन कर पहुचा था. इसलिए उसकी हत्या से राजकीय श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. सवाल खड़े होना लाजमी भी है, क्योंकि एक महीने तक लगने वाले इस मेला को राजकीय मेला का दर्जा है.
अपराधियों की चुनौती का नए पुलिस अधीक्षक देंगे जवाब
सावन के महीने में यहां देश विदेश से श्रद्धालु पहुँचते है. प्रशासनिक स्तर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का दावा किया जाता है. राज्य के कोने कोने से पुलिस अधिकारी और जवानों की प्रतिनियुक्ति मेला के दौरान बासुकीनाथ मेला में की जाती है. मेला क्षेत्र को कई ओपी में बांटा जाता है. गली मोहल्ले से लेकर चौक चौराहे तक सीसीटीवी लगाया जाता है. इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बाबजूद अपराधी जरमुंडी थाना के समीप एक श्रद्धालु को गोली मार कर आराम से निकल जाता है तो मेला की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल तो खड़े होंगे ही. वैसे नए पुलिस अधीक्षक ने अपराधियों की इस चुनौती को स्वीकार्य किया है और भरोसा दिया कि अपराधी जल्द सलाखों के पीछे होंगे.
दुमका जिला में काफी चैलेनजिंग होगा नए एसपी का सफर
नवप्रोन्नत आईपीएस पीताम्बर सिंह खैरबार के लिए दुमका एसपी का पद फूलो का सेज नहीं बल्कि कांटों का ताज है. जिले में बढ़ते अपराध के साथ साथ खनिज संपदा के अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाना, सड़कों पर बेख़ौफ़ घूम रहे तस्करों पर भी अंकुश लगाना किसी चुनौती से कम नहीं. राजनीतिक रूप से भी यह जिला काफी संवेदनशील माना जाता है. उसे भी ध्यान में रखना होगा. जिले में हाल के दिनों में कुछ ऐसे भी मामले सामने आए है जिससे पुलिस की छवि थोड़ी धूमिल जरूर हुई है. उस छवि को वापस लाने और आम जनता के दिलों में जगह बनाने में थोड़ा समय जरूर लगेगा. उम्मीद की जानी चाहिए कि हर बाधाओं को पार कर पीताम्बर सिंह खैरबार दुमका जिला से अपने आईपीएस के सफर को गति प्रदान करेंगे.
रिपोर्ट: पंचम झा
