दुमका(DUMKA):लगभग 2 वर्ष पूर्व दुमका रेलवे स्टेशन परिसर से कोल डंपिंग यार्ड की शूरआत हुई. पाकुड़ से सड़क मार्ग से कोयला दुमका रेलवे स्टेशन पहुँचाया जाता है, जहाँ से गुड्स ट्रैन से देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाता है.जब से कोल डंपिंग यार्ड की शूरआत हुई, तब से प्रदूषण यहां एक गभीर समस्या बन कर उभरा है. इस मुद्दे को लेकर रसिकपुर सहित आस पास के लोग और कई संगठन लगातार आंदोलन कर रहे है.
स्थानीय लोगों ने एनजीटी और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की थी
कोल डंपिंग यार्ड चालू होने से उत्पन्न समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने एनजीटी और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से शिकायत की थी.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लोकल लेवल मोनेटरिंग कमिटी के गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष एसडीओ को बनाया गया.ताकि समय समय पर प्रदूषण के स्तर की समीक्षा की जा सके.मंगलवार को समाहरणालय स्थित एसडीओ कक्ष में लोकल लेवल मोनेटरिंग कमिटी की बैठक आयोजित की गई.
बैठक में इससे जुड़े तमाम स्टेक होल्डर और विभाग के अधिकारी शामिल हुए
एसडीओ कौशल कुमार ने प्रदूषण से जुड़े तमाम बिंदुओं की समीक्षा की. प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या काम हुआ है और क्या बाकी है इसकी जानकारी ली.मीडिया से बात करते हुए एसडीओ कौशल कुमार ने कहा कि कुछ दिनों बाद डीसी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय नियंत्रण समिति की बैठक होनी है,लेकिन उसके पूर्व स्थल निरीक्षण कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए कार्य का जायजा लिया जाएगा.कार्यकारी एजेंसी को हर हाल में प्रदूषण नियंत्रण के लिए तमाम उपाय करने होंगे ताकि आम लोगों को प्रदूषण से राहत मिले.
रिपोर्ट-पंचम झा
