दुमका (DUMKA): जिले में लगातार हो रही महिला अत्याचार के खिलाफ विभिन्न आदिवासी संगठनों के बंद के आह्वान का असर दिख रहा है. शहर में सन्नाटा पसरा है. तमाम दुकान है बंद हैं. आवागमन भी पूरी तरह से बाधित है. बंद समर्थक सड़कों पर बैठे हैं. वे पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के साथ-साथ आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं.

लोगों में भारी आक्रोश
उपराजधानी दुमका में हुए अंकिता पेट्रोल कांड के बाद हैवानियत की दूसरी घटना को भी अंजाम दिया गया. दुमका में अरमान अंसारी नाम के व्यक्ति ने नाबालिग आदिवासी के साथ दुष्कर्म करके उसको पेड़ पर लटका दिया गया. की घटना को अंजाम दिया. इसके बाद से ही जिलावासियों में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल है. इसी के विरोध में जिले के तमाम आदिवासि संगठनों ने दुमका बंद का आह्वान किया और सड़क पर बैठ सरकार के खिलाफ जमकर नारे बाजी भी की. इनकी आक्रोश को देखते हुए हर चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है. ताकि कोई भी अप्रीय घटना न घटे.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
