दुमका(DUMKA):इंटर स्टेट माइग्रेट वर्कर यूनियन की ओर से दुमका के भुरकुण्डा पंचायत के बुढ़ियारी शिशु बागान परिसर में प्रवासी एवं स्थानीय मजदूरों के बढ़ते पलायन के खिलाफ बैठक आयोजित की गई.बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष मो. जाकिर अंसारी ने की.
उद्योगों के अभाव में मजदूरों का पलायन
यूनियन अध्यक्ष मो. जाकिर अंसारी ने कहा कि दुमका जैसे जिले में उद्योग और कारखानों के अभाव के कारण मजदूर वर्षों से रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर है. यह पलायन स्वैच्छिक नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी का नतीजा है.
बिचौलियों द्वारा मजदूरों का शोषण
उन्होंने आरोप लगाया कि बिचौलिए भोले भाले श्रमिकों को बेहतर काम का लालच देकर बाहर ले जाते हैं और वहां उनके साथ मनमानी करते है. मजदूरों को न तो तय मजदूरी मिलती है और न ही सम्मानजनक व्यवहार, जिससे उनका शोषण लगातार बढ़ रहा है.
ठेकेदारों पर मुआवजा न देने का गंभीर आरोप
यूनियन अध्यक्ष ने कहा कि जिले से बाहर मजदूरों को ले जाने वाले ठेकेदार दुर्घटना, बीमारी या मौत की स्थिति में किसी प्रकार का मुआवजा नहीं देते.यह सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है, फिर भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है.
सरकारी कानून कागजों तक सीमित : कानूनी सलाहकार
यूनियन के कानूनी सलाहकार मो. खुर्शीद ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों के लिए सरकार ने कई कानून बनाए है, लेकिन उनका पालन जमीनी स्तर पर नहीं हो रहा है. मजदूरों को उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है.
जिले में ही रोजगार दिलाने का संकल्प
बैठक में यह संकल्प लिया गया कि यूनियन मजदूरों को उनके जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष तेज करेगी, ताकि पलायन पर रोक लगाई जा सके और श्रमिकों को शोषण का सामना न करना पड़े.
बैठक में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस मौके पर जाकिर अंसारी, मनोज कुमार राय, पानेशल टुडू, रामानंद यादव, खुर्शीद अनवर, मितन दास, रिआमत अंसारी, वकील मरांडी, प्रधान सोरेन, तारिक अजीज, सलामत अंसारी सहित कई लोग उपस्थित थे.
रिपोर्ट-पंचम झा
